हिंदुस्तान के मुस्लिम मंदिर बनने में रुकावट ? तो PM मोदी ने UAE के अबुधाबी में मंदिर का शिलान्यास कर काट दिया तहलका

दुबई में शिलान्यास करने के बाद पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- नोटबंदी सही दिशा में उठाया गया कदम

तहलका टुडे टीम

तीन देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां पहले हिंदू मंदिर की रिमोट कंट्रोल के जरिए नींव रखी। इस मौके पर उन्होंने पहले की सरकारों पर तंज कसा। पीएम ने कहा हम उस दुविधा के दौर से भी गुजरे हैं, जब लोग पूछते थे कि यह हो पाएगा क्या? अब पूछते हैं मोदी जी कब होगा।

इससे पहले उन्होंने यहां वहात अल-करामा मेमोरियल में अमीराती सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। यहां से मोदी ओमान जाएंगे। वहां 100 साल पुराने शिवालय में दर्शन करेंगे। साथ ही मस्जिद भी जाएंगे।

'हमारा नाता बायर-सेलर का नहीं, पार्टनरशिप का बना है'

- मोदी ने कहा, "बहुत सौभाग्य की बात है कि आप सबके दर्शन करने का अवसर मिला। 2016 में योरहाईनेस ऑफ प्रिंस अबू धाबी भारत आए। 2017 में वे हमारे गणतंत्र पर्व के मेहमान थे। शायद कई दशकों के बाद भारत का खाड़ी के देशों के साथ इतना गहरा, इतना व्यापक और वाइब्रेंट नाता बना है।"

- "आज खाड़ी के और देशों से हमारा नाता बायर-सेलर का नहीं, पार्टनरशिप का बना है। भारत इस बात के लिए गर्व करता है कि खाड़ी देशों में 30 लाख से ज्यादा भारतीय समुदाय के लोग यहां की विकास यात्रा में भागीदार हुए हैं। मैं खाड़ी देशों का आभारी हूं कि उन्होंने हमारे 30 लाख लोगों को देश के बाहर उत्तम वातावरण दिया।"

- "भारतीयों ने इसे अपना घर मानते हुए यहां के लोगों के सपनों को साकार करने के लिए अपने सपनों को भी यहां बोया है।" 'इस मंदिर से भारत के दर्शन का पता चलेगा' -

मोदी ने कहा, "प्रिंस हाईनेस का सवा सौ करोड़ देशवासियों की तरफ से धन्यवाद करना चाहता हूं। पिछली बार जब आया था तो मंदिर बनाने की बात हुई थी। मंदिर और वो भी सद्भावना के सेतु रूप में। हमारे यहां मंदिर मानवता का माध्यम है। टेक्नोलॉजी, मैसेजिंग ही नहीं बल्कि विश्व में वसुधैव कुटुम्बकम की बात फैलाएगा। इससे भारत के दर्शन का भी पता लगेगा।"

- "हमारे शासकों ने हमारे प्रति इतना सम्मान जताया है, हमारी जिम्मेदारी बन जाती है कि कोई गलती न हो। मानवता को कोई खरोंच न लगे।" - "आज देश को विश्व स्तर के समिट में बोलने के लिए सम्मान मिला है। यहां लघु भारत बसता है। यहां हिंदुस्तान के हर कोने के लोग रह रहे हैं।"

- "125 करोड़ लोग किस तरह देश को आगे ले जाने के लिए काम कर रहे हैं, ये आप अनुभव कर सकते हैं।"

- "हम वो दिन भी देखे हैं, चलो अब कुछ होने वाला नहीं है। हम दुविधा के कालखंड से गुजरे, जब लोग पूछते थे- ये होगा क्या, ये संभव है क्या। वहां से चलते-चलते देश 4 साल में यहां पहुंचा है। आज देश ये नहीं सोच रहा कि ये असंभव है नहीं। अब लोग पूछते हैं कि मोदी जी बताओ, कब होगा। इस सवाल में शिकायत नहीं विश्वास है। होगा तो अब होगा।" अच्छा काम करके प्रिय बनेंगे

- मोदी ने कहा, "2014 में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 142वें स्थान पर खड़े थे। 42 की छलांग लगाकर 100 पर आ गए। इससे भी ऊपर जाना है। जहां इम्प्लीमेंटेशन, संसाधनों में बदलाव करना होगा, भारत को ग्लोबलाइजेशन की बराबरी पर लाना है। ग्लोबलाइजेशन यानी सबको साथ लेते हुए अंतिम छोर पर बैठे हुए देश के लिए काम करना है।"

- "आज दुनिया कह रही है- 21वीं एशिया की है। इसे बनाने के लिए परिश्रम करना पडे़गा। तात्कालिक लाभ हो या न हो, लेकिन हमें कदम उठाने होंगे। महात्मा गांधी श्रेय और प्रेय की बात करते थे। काम ऐसे श्रेयस्कर होंगे तो वक्त के साथ प्रिय लगने लगेंगे।" नोटबंदी में जिसका पैसा गया वो रो रहा है

- उन्होंने कहा, "अगर नोटबंदी करता हूं तो देश का एक तबका मानता है कि ये मजबूत कदम है। लेकिन जिसकी संपत्ति चली गई, वो 2 साल बाद भी रो रहा है। 7 साल से जीएसटी कानून लाया जाना था, लेकिन हम लेकर आए।"

- "जब किसी नए घर में जाते हैं तो बाथरूम पता नहीं होता। हम टकरा जाते हैं। 70 साल की पीढ़ियों से चली आ रही चीजों को दूर करने में कुछ कठिनाई तो होगी।" अब नए युग की शुरुआत हो रही है

- मोदी ने कहा, "कल कई एग्रीमेंट्स किए थे, अब नए युग की शुरुआत हो रही है।"

- "70-80 घंटे में 5 देशों की यात्रा कर रहा हूं। जॉर्डन, फिलिस्तीन, अबू धाबी, दुबई आया हूं। ओमान जाना है। वहीं भी लोगों को कुछ बताना है।" - "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आप जो सोचेंगे वो करके रहेंगे।"

- अबू धाबी के ओपेरा हाउस में हुई इस स्पीच को सुनने बड़ी तादाद में लोग पहुंचे। इस दौरान मोदी-मोदी के नारे लगते रहे। UAE सरकार ने दी है मंदिर के लिए जमीन - 2015 में मोदी के यहां अपने पहले दौरे पर आए थे, तब UAE सरकार ने इस मंदिर के लिए जमीन देने का एलान किया था।

- UAE में भारतीय राजदूत नवदीप सूरी के मुताबिक, यह मंदिर 55 हजार स्क्वायर मीटर में बनाया जा रहा है। भारतीय कारीगरों ने तराशे मंदिर के पत्थर - मंदिर बनाने के लिए खास पत्थर भारत से मंगाए गए हैं और इन्हें भारतीय कारीगरों ने ही तराशा है।

- इस मंदिर की देखरेख बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) करेगी। - यह संस्था 1907 से काम कर रही है और इसने दुनिया के अलग-अलग देशों में करीब 1100 मंदिर और कल्चरल सेंटर तैयार कराए हैं।

News Posted on: 11-02-2018
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