११ दलितों की मौत पर स्प्रिट का लाइसेंस देने व योगी सरकार की बदनामी का सबब बने डीएम अखिलेश तिवारी की लीपा पोती बनी चर्चा

बाराबंकी । प्रदेश की राजधानी से सटे बाराबंकी जिले में 11 लोगों की मौत के मामले में आज स्प्रिट का लाइसेंस देने वाले योगी सरकार के डीएम ने अपनी रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार 11 में से तीन लोगों की मौत स्प्रिट पीने से हुई है जबकि दो लोगों ने ठंड के कारण दम तोड़ा है। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिवार के लोगों को दो-दो लाख रुपया की सहायता दी है। 
बाराबंकी के जिला प्रशासन ने कल देवा रामनगर थाना क्षेत्र में 11 लोगों की मौत का कारण स्पष्ट कर दिया है। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने बताया कि तीन लोगों की मौत स्प्रिट पीने के कारण हुई है। अभी भी इसका सेवन करने वाले तीन लोग मौत की कगार पर हैं। छह लोगों ने कल सलारपुर में स्प्रिट दावत में पी थी। इस रिपोर्ट पर एसपी अनिल कुमार सिंह ने भी अपनी मुहर लगा दी है।  
डीएम अखिलेश तिवारी ने बताया कि देवा का स्प्रिट लाइसेंसी 10 रूपये की स्प्रिट की शीशी की बिक्री करता था। उसके पास से स्प्रिट बरामद करने के साथ उसको गिरफ्तार किया गया है। अब उसका लाइसेंस भी निरस्त होगा। जिलाधिकारी ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने प्रमुख सचिव आबकारी को विभागीय लापरवाही के लिए दी अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब माना जा रहा है कि इस प्रकरण में कड़ी कार्रवाई होगी। 
प्रकरण बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के कोतवाली देवा अंतर्गत गांव ढिढोरा, मुनिया पुरवा, जसवारा, रेउवा रतनपुर का है। इस मामले में तीन शव का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम के ही हो गया है। 11 में से तीन की ही मौत को जिला प्रशासन स्प्रिट सेवन के कारण बता रहा है। इनमें से दो की ठंड लगने से मौत तथा एक की हार्ट अटैक से बताई जा रही है। इसके अलावा पांच लोगों की मौत विभिन्न कारणों से बताई जा रही है।
डीएम अखिलेश तिवारी ने बताया कि इस घटना में अवनीश, काशीराम और राम सुरेश की मौत स्प्रिट पीने से हुई है। दो लोगों की मौत ठंड लगने से हुई। रिपोर्ट के अनुसार सलारपुर गांव में अर्जुन के घर उनकी तबियत का हाल लेने आठ जनवरी को अवनीश, काशी राम और उनके दामाद वीरेंद्र, विजय पहुंचे थे। रात में मीट बना और अवनीश, काशी राम ने नशे के लिए स्प्रिट का सेवन किया था।
डॉक्टरों ने मौत की वजह जहरीली शराब को बताया है जबकि आबकारी विभाग का कहना हैं मौतें ठंड से हुई हैं। प्रशासन नौ मृतकों का पोस्टमार्टम कराया है। 
बाराबंकी में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर एके सिंह ने बताया कि गंभीर हालत में आये लोग स्प्रिट का सेवन किए हुए थे। जिन्हें गंभीर अवस्था में ही लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया। लखनऊ ले जाते वक्त छह लोगों की मौत हो गई। 
मृतक के परिवार के लोग भी दबी जुबान से मौत का कारण ठंड बता रहे हैं। मृतकों में मुनिया पुरवा गांव के 30 वर्षीय रामफल व 40 वर्षीय कमलेश हैं। देव गांव के नौमीलाल व ढिढोरा गांव के 40 वर्षीय राकेश, रेउवा के 35 वर्षीय उमेश, जसन वारा के 26 वर्षीय अनिल कुमार की भी मौत हुई है।
इससे पहले मृतक के परिजनों का कहना था कि सभी लोग एक समारोह में गए थे और वहां शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है। वहीं, आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा, ''जांच दल गठित कर मौके पर भेजा है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।"

मंत्री बोले-मांगी है रिपोर्ट

मामले में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह का कहना है, ''विभाग से टीम बाराबंकी भेजी गई है। इस तरह की घटनाएं संवेदनशील, दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होंगी और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की जाएगी।''

सीएम बेहद दुखी, आश्रितों को आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में जहरीली शराब से हुई मौत की घटना को दु:खद बताते मृतकों के परिवार के लोगों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घटना में गंभीर रूप से बीमार लोगों को डायलिसिस सहित अन्य इलाज की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दिए हैं। प्रमुख सचिव आबकारी तथा प्रमुख सचिव गृह को घटना की जांच आबकारी एवं गृह विभाग की संयुक्त टीम से कराने के लिए भी कहा गया है।

News Posted on: 11-01-2018
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