पूजा अर्चना कर क्या अब योगी सरकार के 2 मंत्री बनेगे करोड़ो की कॉमिशन खोरी का शिकार ?

घाघरा का भरष्टाचार की भेंट चढ़ा एल्गिन चरसडी तटबंध का अब फिर होगा निर्माण

अंकित गुप्ता
बाराबंकी-घाघरा नदी की बाढ़ से कटे एल्गिन चरसडी तटबंध का अब दोबारा निर्माण शुरू करने के लिए योगी सरकार के दो मंत्रियो धर्मपाल सिंह और स्वाति सिंह ने पूजा अर्चना कर दोबारा शुरू करने के लिए  किया शिलान्यास
घाघरा की बाढ़ से 2 जिलों के दर्जनों गांवों को  बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए सरकार द्वारा ग्रामीणों की मांग पर नदी के बीच में  ड्रेजिंग कार्य का शुभारंभ सिंचाई एवं बाढ़ मंत्री द्वय द्वारा नदी का पूजन अर्चन कर किया गया।करीब 7 किलोमीटर लंबी इस कार्य मे 10 लाख 80 हजार धन मीटर बालू की ड्रेजिंग कर इस कार्य को 5 माह में पूर्ण किया जाना है।बाराबंकी के सनावा घाट से गोण्डा तक करीब 7 किलोमीटर तक नदी के बीचों बीच करीब 30 मीटर चौड़ा व 15 से 20 मीटर गहराई से बनने वाली इस धारा से गोंडा व बाराबंकी जिलो की करीब 3 दर्जन गांवों का जीवन सुरक्षित व सुखमय हो जाएगा।
जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस शुभारम्भ कार्यक्रम  को सम्बोधित करते हुए सिचाई मंत्री  धर्म पाल सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ने दोनों जिलों की चिंता की और दोनों जिलो का उचित प्रबन्ध किया है।इस कार्य के पूर्ण होने के बाद दोनों जिलो के लोगों को बाढ़ से होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी।सरकार समाज के सहयोग से ही काम करती है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कार्य मे लगी कम्पनी में लगे कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यदि यहां पर कोई काम गलत हो तो हम सब को अवगत कराएं बाढ़ दैवीय प्रोकप है।बाढ़ आनी चाहिए लेकिन बाढ़ सुखकारी होनी चाहिए न कि दुख कारी हो देश की धन दौलत धरती है।और धरती पर बहने वाली नदियां हैं।उन्होंने उतर प्रदेश सरकार द्वारा सुरु की गयी सरयू नदी की परियोजना के बारे में बताया कि इस योजना के तहत  10-15 की नदियों का चैनल बना कर बाढ़ के पानी को सिचाई के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।मृत प्राय नदियों को जीवित किया जाएगा।
बाढ़ मंत्री स्वाति सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाढ़ के समय बाराबंकी और गोंडा के लोग काफी परेशान रहते थे।जिनके लिए यह ड्रेजिंग कार्य पूर्ण होने के बाद लाभ दायीं होगा।जल्दी ही कटे बांध को भी ठीक करने का काम सुरु किया जाएगा।बाढ़ को लेकर अब कोई समस्या नही आएगी। घाघरा की तलाहटी में बसे सनावा गांव में हुए इस कार्यक्रम का समापन जिलाधिकारी ने करते हुए सिचाई मंत्री से मांग की कि जिले में नहरों की सफाई से निकली सिल्ट का निस्तारण कराने के लिए कोई उचित प्रबंध किया जाए।कार्यक्रम में मौजूद ड्रेजिंग कार्य के प्रमुख तकनीकी अधिकारी जयन्त गोखले व कैप्टन सुनील बहल ने लोगो को आस्वस्त किया कि ड्रेजिंग का कार्य तकनीकी गुडवक्ता के समय से पूर्ण किया जाएगा।इस मौके पर प्रमुख अभियंता यांत्रिक बीके मिश्रा उपजिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी  विधायक शरद अवस्थीजगदीश गुप्ता चेरमैन समर जीत सिंह विनोद सन्तोष पान्डेय अजय कुमार रावत आदि उपस्थित रहे ।
मालूम हो हर साल सैकड़ो गाव घाघरा नदी में जलमग्न हो जाते है। दो साल पहले घाघरा नदी में आये सैलाब ये तटबंध बुरी तरह से कट गया था। तब से अबतक इसकी मरम्मत नहीं हुई थी। योगी सरकार बनी तो इस तटबंध का निरीक्षण करवाया गया तो पुरे तटबंध का एलैयाँमेन्ट ही गड़बड़ मिला।  पूर्व समाजवादी और बसपा सरकार में भी ये तटबंध कई बार कटा, अरबो रूपए इसकी मरम्मत के लिए आये, लेकिन   ये रूपए भ्रष्ट्रचार की भेट चढ़ गए। 
अब आज फिर एक नए सिरे से इस एल्गिन तटबंध का निर्माण शुरू हुआ है। तो देखना ये है कि अब घाघरा के सैलाब में ये नया बाँध बचता है या भ्रष्ट्रचार की भेट चढ़ता है ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा।

News Posted on: 04-01-2018
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