अमित शाह ने हड़काया तो औक़ात में आ गए नितिन पटेल

फ़ज़ल इमाम मल्लिक

आखिर गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल मान गए. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें हड़काया तो चार घंटे बाद ही कार्यालय में कामकाज करते दिखाई दिए पटेल. पटेल मनपसंद विभाग न मिलने की वजह से नाराज थे. नाराजगी सतह पर आ गई थी. नितिन पटेल विभागों के आबंटन से नाराज थे. उन्होंने इसे आत्मसम्मान का मुद्दा बताया था. पिछली सरकार में पटेल के पास वित्त, पेट्रोरसायन और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे लेकिन इस बार उनके विभागों में फेरबदल किया गया था. उन्हें सड़क व भवन और स्वास्थ्य जैसे विभाग आबंटित किये गए थे. इन के अलावा चिकित्सा शिक्षा, नर्मदा, कल्पसार और राजधानी परियोजना का प्रभार भी दिया गया था. वित्त विभाग व पेट्रो रसायन को आबंटित सौरभ पटेल किया गया था. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शहरी विकास विभाग खुद अपने पास रखा है. लेकिन नितिन पटले वित्त जैसा मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज हो गए थे. लेकिन अमित शाह के फोन के बाद सब कुछ ठीक हो गया है. माना जा रहा है कि सौरभ पटेल से वित्त मंत्रालय लेकर नितिन पटेल को दिया जाएगा. दरअसल गुजरात नतीजों ने भाजपा का संकट बढ़ा दिया है. सरकार तो उसने बना ली लेकिन बहुतम का आंकड़ा इतना नहीं है कि अपने नेताओं पर वह अंकुश लगा सके. प्रभावशाली पाटीदार समुदाय से नितन पटेल आते हैं. दो दिन तक उन्होने विभागों का प्रभार नहीं संभाला. फिर पटेल के समर्थक उनके प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उनके घर में जुटे. पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और लालजी पटेल ने उन्हें समर्थन देने का एलान किया. लालजी पटेल ने तो पहली जनवरी को मेहसाणा बंद तक करने की घोषणा कर दी थी. उन्होंने नितिन पटेल को मुख्यमंत्री बनाने की भी मांग की थी. सरदार पटेल समूह के संयोजक लालजी पटेल हैं. उन्होंने उप-मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. मुलाकात के बाद पटेल ने दिल का गुबार सामने रखा. उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर नितिन पटेल को छलने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि भाजपा बार-बार नितिन-भाई पटेल के साथ अन्याय कर रही है. यह ठीक नहीं है. नितिन पटेल मेहसाणा से विधायक हैं जहां पाटीदारों की संख्या काफी है और यह जगह कोटा आंदोलन के केंद्र में भी रही थी. नितिन ने कहा था कि यह विभागों की नहीं आत्मसम्मान की बात है. हालांकि इस बात की चर्चा है कि अमित शाह ने नितिन पटेल को खूब हड़काया. मामला चूंकि सार्वजनिक हो चुका था और पार्टी के सामने नए तरह का संकट था. इससे पार्टी आला कमान नाराज दिखा. इसकी वजह भी थी. कांग्रेस सहित दूसरे विरोधी दल तमाशा देख रहे थे. हार्दिक ने तो नितिन पटेल से यह तक कह दिया था कि वे पार्टी छोड़ कर आ जाएं तो कांग्रेस मे सम्मान भी दिलाएंगे और उचित पद भी. हार्दिक ने नितिन पटेल से कहा था कि वे और दस दूसरे विधायक पार्टी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो मैं और मेरे समर्थक उनका स्वादत करेंगे और मैं कांग्रेस नेतृत्व से बात करूंगा. बहरहाल अब भाजपा दावा कर रही है कि सब कुछ ठीक हो गया है और गुजरात में सरकार भी ठीक चलेगी और संगठन भी।

News Posted on: 01-01-2018
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