साल 2017 में अल्पसंख्यक मंत्रालय के क्या-क्या रहे बड़े फैसले

साल 2017 में मंत्रालय ने कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की और कई विभागों के लिए ऐप की शुरुआत और ‘हुनर हाट’ के आयोजन जैसे कई दूसरे महत्वपूर्ण कदम उठाए. साल की शुरुआत में मंत्रालय के बजट में इजाफा किया गया. नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए यह साल बेहद खास रहा. इस साल नई हज नीति लागू हुई जिसमें पहली बार महिलाओं को ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने की इजाजत दी गई. साल 2017 में मंत्रालय ने कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की और कई विभागों के लिए ऐप की शुरुआत और ‘हुनर हाट’ के आयोजन जैसे कई दूसरे महत्वपूर्ण कदम उठाए. साल की शुरुआत में मंत्रालय के बजट में इजाफा किया गया. साल 2017-18 के आम बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 4195.48 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया जो 2016-17 की तुलना में 368.23 करोड़ रुपये अधिक है. बजट में इजाफा अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक और कौशल विकास को ध्यान में रखकर किया गया. निजी हज टूर ऑपरेटरों के लिए पोर्टल की शुरुआत मंत्रालय के कामकाज को आनलाइन/डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया. इस दौरान वक्फ परिषद, मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान और छात्रवृत्ति योजनाओं को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया. डिजिटलीकरण के क्रम में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने निजी हज टूर ऑपरेटरों के लिए पोर्टल की शुरुआत की ताकि पीटीओ के जरिए हज पर जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो सके. साल 2017 में मंत्रालय ने 2013-17 के लिए सरकार की हज नीति की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया. इस समिति ने 2018-22 के लिए नई हज नीति का मसौदा तैयार किया. समिति की रिपोर्ट अक्तूबर में नकवी को सौंपी गई. समिति ने 15 फरवरी, 2017 से काम शुरू किया था. ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने की छूट देने का फैसला समिति ने नयी हज नीति में कई महत्वपूर्ण कदम सुझाए जिनमें 45 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने की छूट देने का फैसला शामिल है. सरकार ने ‘मेहरम’ की शर्त हटाने वाले इस सुझाव सहित समिति के लगभग सभी सुझावों को स्वीकार किया. अगले साल का हज नयी नीति के तहत होगा. ‘मेहरम’ वाले इस कदम के बारे में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नकवी ने कहा, ‘‘यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है. इसके उत्साहजनक नतीजे आए हैं. 15 दिसंबर तक एक हजार से अधिकम महिलाओं ने मेहरम के बिना हज पर जाने के लिए आवेदन किया.’’ वर्ष 2017 में भारत के हज कोटे में भी 34,500 का इजाफा किया गया और यह कोटा एक लाख 70 हजार हजयात्रियों का हो गया. ‘हुनर हाट’ का आयोजन इस साल मंत्रालय के समक्ष विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1.5 करोड़ से अधिक आवेदन आए. मंत्रालय ने 2017 में देश के अलग-अलग शहरों में ‘हुनर हाट’ का आयोजन किया ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के शिल्पकारों, दस्तकारों और कारीगरों को बाजार और अवसर प्रदान किया जा सके. पहले ‘हुनर हाट’ का आयोजन दिल्ली के बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर हुआ. इसके बाद पुडुचेरी और फिर दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजन हुआ. देश भर में 100 ‘गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र’ अल्पसंख्यक नौजवानों को रोजगार के योग्य तैयार करने के लिए देश भर में 100 ‘गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र’ खोलने का फैसला हुआ और ऐसा पहला केंद्र जून महीने में हैदराबाद में खुला. इन केंद्रों में अल्पकालिक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम और केंद्रीय वक्फ परिषद ने जनवरी महीने में अल्पसंख्यक समुदायों खासकर मुसलमानों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए वक्फ संपत्तियों के उपयोग को लेकर साझा मुहिम शुरू की. सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों के अध्यक्षों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन जनवरी महीने में हुआ. नई दिल्ली में केंद्रीय वक्फ परिषद की 75वीं बैठक का आयोजन हुआ. साल 2017 में मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान की 53वीं आमसभा की बैठक हुई. साल के आखिर में राजस्थान के अलवर में ‘प्रोग्रेस पंचायत’ का आयोजन किया गया. मंत्रालय की ओर से कई दूसरे कार्यक्रमों के भी आयोजन किए गए.

News Posted on: 31-12-2017
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