मुख्यमंत्री बाबा योगी ने २९ साल पुराना तोड़ा अंध विश्वास पहुंचे नोएडा, कहा- विकास कार्यों से ऊंचाई पर पहुंचेगा UP.....

 

नोएडा.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 साल का मिथ तोड़कर शनिवार को दिल्ली से सटे नोएडा पहुंचे। उन्होंने यहां मेट्रो की नई मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन की तैयारियों का जायजा लिया। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के मौके पर नरेंद्र मोदी नोएडा से साउथ दिल्ली के बीच मेट्रो की शुरुआत करेंगे। योगी के नोएडा आने की चर्चा इसलिए जोरों पर है क्योंकि एक अंधविश्वास के चलते पिछले 29 सालों में यूपी के सीएम नोएडा जाने से परहेज करते आए हैं।
सीएम योगी ने यहां बायर्स, क्रेडाई और प्राधिकरण अधिकारियों संग कर रहे की। बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, मंत्री सुरेश राणा, विधायक पंकज सिंह, सांसद महेश शर्मा, जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
क्या कहा योगी ने
-यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा- "नोएडा ने और ग्रेटर नोएडा का विकास करेंगे और प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।" वायर्स की समस्या पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में क्या हुआ मुझे नहीं पाते लेकिन हम आवास सर्टिफिकेट के माध्यम से दे रहे हैं।"
योगी ने कहा- "31 दिसंबर तक 40 हजार बायर्स को आवास मिलेगा। इसके बाद अगामी तीन महीने में इतने घर देने के लिए क्रेडाई को कहा गया है। ग्रामसभा और प्राधिकरण के बीच जो विवाद है उसके लिए प्राधिकरण को कहा गया है।
क्या है नोएडा का अंधविश्वास?
नोएडा के बारे में कहा जाता है, जब भी प्रदेश का कोई सीएम यहां आया, वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटा। पिछले 29 सालों से अंधविश्वास की यही धारणा चली आ रही है।
मायावती ने साल 2011 में यह अंधविश्वास तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह 2012 के चुनाव में वापस सत्ता में नहीं आईं। मायावती 14 अगस्त, 2011 को दिल्ली और नोएडा के बॉर्डर पर एक रैली की थी पर नोएडा की सीमा में एंट्री नहीं की थी।
1988 में सीएम वीर बहादुर सिंह ने नोएडा आने के बाद ही अपनी कुर्सी खो दी थी। कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और मुलायम सिंह यादव भी नोएडा जाने से परहेज करते रहे।
गठन के वक्त थी वृश्चिक राशि
ज्योतिष राहुल अग्रवाल के अनुसार- "अगर नोएडा के स्थापना दिवस 17 अप्रैल, 1976 को उसका जन्म मानकर गणना करें तो पता चलता है कि उस दिन गोचर में वृश्चिक राशि उदित हो रही थी। नोएडा की नाम राशि भी वृश्चिक ही है।
इसी तिथि के आधार पर गणना करने पर पता चलता है कि नोएडा गठन के समय सत्ता सुख का कारक ग्रह सूर्य केतू के साथ ग्रहण योग बनाकर छठें भाव में था। छठा घर पतन का भी घर होता है।
 यहां पर सूर्य का केतू के साथ होना और राहु की पड़ रही सप्तम दृष्टि के अलावा दूसरे शत्रु ग्रह शनि की दशम दृष्टि भी शासन के ग्रह सूर्य को बिल्‍कुल कमजोर कर रही है।
अखिलेश ने कहा था- नोएडा जाकर तोड़ूंगा अंधविश्वास
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अप्रैल 2015 में लखनऊ स्थित अपने आवास से नोएडा की एक निजी यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया था। इस मौके पर उन्‍होंने कहा था, तमाम अंधविश्वासों के चलते नोएडा जाने पर पाबंदी है। इसलिए लखनऊ से ही यूनिवर्सिटी की आधारशिला रख रहा हूं। पुराने लोगों ने इस तरह का अंधविश्वास फैलाया है, लेकिन मैं जल्द ही नोएडा जाकर इस अंधविश्वास को तोड़ूंगा।
राजनाथ सिंह ने भी किया था दिल्ली से उद्घाटन
नोएडा अंधविश्वास के टोटके का असर राजनाथ सिंह पर भी दिखा था। सीएम रहते हुए उन्‍होंने नोएडा में बने फ्लाईओवर का उद्घाटन दिल्ली से किया था। यही नहीं, बड़े दबाव के बाद भी निठारी कांड में मुलायम सिंह यादव अपनी पिछली सरकार में नोएडा नहीं गए थे।
क्या कहना है बीजेपी का?
यूपी बीजेपी के स्पोक्सपर्सन हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा- "हमारी पार्टी काम करने में विश्वास करती है। पुराणों को मानती है, किसी प्रकार के अंधविश्वास पर नहीं चलती है। जिन्होंने काम नहीं किया वो वहां कभी नहीं गए। हमारे सीएम काम कर रहे हैं, वो काम दिख रहा है। इसीलिए हमें किसी प्रकार का कोई डर नहीं है।"
क्या कहना है विपक्ष का?
सीएम के नोएडा जाने पर अखिलेश यादव ने कमेंट करते हुए कहा- "भाजपा वालों की बात सीधे भगवान से होती है। वो कुछ भी कर सकते हैं। हम तो धर्म के अनुसार चलते हैं, बिल्ली रास्ता काट दे तो भी रूक जाते हैं। अब वो जा रहे हैं उनकी डायरेक्ट सेटिंग भगवान से है।"

 

News Posted on: 23-12-2017
वीडियो न्यूज़