ज़ालिमों के लिए सबक़,बेक़सूर मुसलमानो का गुजरात दंगों में कत्ले आम का दोषी बाबू बजरंगी पर कुदरत की मार हो गया अँधा और बहरा

 

ज़ालिमों के लिए सबक़,बेक़सूर मुसलमानो का गुजरात दंगों में कत्ले आम का दोषी बाबू बजरंगी पर कुदरत की मार हो गया अँधा और बहरा 
सुनवाई के दौरान कोर्ट से बजरंगी के वकील ने कहा कि बजरंगी क्रोनिक डायबिटीज़ और आंखों की परेशानी से पीड़ित है।
अहमदाबाद -नरोदा पाटिया में साल 2002 में हुए दंगों के दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे बाबू बजरंगी ने गुजरात हाई कोर्ट से सिफारिश की है कि उसे आंखों का इलाज कराने के लिए 20 दिनों की बेल दी जाए। बजरंगी ने दावा किया है कि उसकी आंखें कमजोर हो गई हैं जिसके कारण उसे दिखाई नहीं देता और उसे एक कान से सुनने में भी परेशानी होती है। बजरंगी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे 20 दिन की बेल दी जाए ताकि वह चेन्नई जाकर अपनी आंखों का इलाज करा सके। बाबू बजरंगी के वकील ने बताया कि डिवीज़न बेंच का नेतृत्व कर रहे जस्टिस हर्ष देवानी ने जेल प्रशासन से बजरंगी की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है और सुनवाई को स्थगित कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट से बजरंगी के वकील ने कहा कि बजरंगी क्रोनिक डायबिटीज़ और आंखों की परेशानी से पीड़ित है। इससे पहले भी कोर्ट से बजरंगी को इलाज के लिए बेल मिल चुकी है। साल 2015 में बजरंगी को इसी समस्या के कारण 90 दिनों की बेल मिली थी। इसके बाद बजरंगी को रेगुलर और अस्ठायी तौर पर मिलने वाली बेल को रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके अलावा बजरंगी ने अपनी पत्नी के द्वारा गुजरात के राज्यपाल से उसे जीवनदान देने की भा मांग की थी। आपको बता दें कि बजरंगी साल 2012 से साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है।
ध्यान रहे 2002 में दंगों की आग में झुलस रहे गुजरात में नरोदा पाटिया में तीन दिनों तक खूनी खेल चला था. इस हत्याकांड में अल्पसंख्यक समुदाय के 97 लोग मारे गए थे. इस मामले में एक विशेष जांच अदालत ने बजरंगी के अलावा 30 अन्य को दोषी ठहराया था. इनमें गुजरात की पूर्व मंत्री मायाबेन कोडनानी भी शामिल थीं.

 

News Posted on: 22-12-2017
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