छत्तीसगढ़ के मेहरा पर पुनिया मेहरबान अनुसूचित जाति में सम्मलित करने की राज्यसभा में किया मांग

छत्तीसगढ़ के मेहरा पर पुनिया मेहरबान अनुसूचित जाति में सम्मलित करने की राज्यसभा में किया मांग
दिल्ली-सांसद  पी.एल. पुनिया ने आज  राज्यसभा में विशेष उल्लेख नियम के अन्तर्गत चर्चा करते हुए छत्तीसगढ मेंमहार, मेहरा, मेहर, महारा जाति को अनुसूचित जाति में सम्मिलित करने का मुद्दा उठाया।
पुनिया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 18 दिसम्बर, 2002 कोएक ’’भारत का राजपत्र’’ जारी किया गया था जिसमें मध्यप्रदेश की महार, मेहरा, मेहर, महारा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया था।अभ्यावेदनकी कार्यवाई 1996 में की गई थी और छत्तीसगढ का गठन वर्ष 2000 में हुआथा।इस कारण इन जातियों को छत्तीसगढ में अनुसूचित जाति को दी जा रहीसुविधाऐं नहीं मिली।
पुनिया ने कहा कि छत्तीसगढ राज्य में महार, मेहरा, मेहर, महाराजाति सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अनुसूचित जाति श्रेणी के हैं।इन्हें अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने के लिए छत्तीसगढ शासन द्वारा2008 एवं 2009 तथा 13 जून 2016 में प्रस्ताव बनाकर सामाजिक न्याय एवंअधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा गया लेकिन अभी तक इन लोगोंको न्याय नहीं मिल सका है।
पुनिया ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछडी महार, मेहरा, मेहर, महारा जाति को छत्तीसगढ में अनुसूचित जाति में शामिल करने कीतत्काल कार्यवाई की जाए जिससे इन जातियों को आरक्षण का लाभ मिलसकेगा तथा विसंगति दूर हो सकेगी।

News Posted on: 19-12-2017
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