SDM को पिटने से मैंने बचाया उनको मेरा शुक्रिया अदा करना चाहिए न कि वो अब बतंगड़ बना रहे है-प्रियंका

बाराबंकी-सिरौली गौसपुर के एसडीएम ट्रेनी आईएएस अजय द्विवेदी की बेवकूफी से भीड़ से पिटने से बचाने के लिए सांसद प्रियंका रावत की हिकमते अमली से डांट फटकार करने को जहा बतंगड़ बनाकर पेश किया जा रहा हैं,वही अवाम और बीजेपी कार्यकर्ता सांसद का गर्म जोशी से स्वागत कर उनकी हौसला अफजाई करने से नही चूक रहे है।जोश के साथ आज बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सांसद आवास पर पहुचकर नारेबाजी की और फूल माले से लादकर नारे लगाए नेता हमारा कैसा हो सांसद प्रियंका रावत जैसा हो। 
कार्यकर्ताओ की तरफ से जारी आज एक प्रेस नोट में कहा गया कि ग्राम चैला में भूमिहीन पट्टाधारकों व भाजपा कार्यकर्ता के घर को तहसील प्रशासन की मिली भगत से गलत ढंग से पैमाइश कराकर खाली कराये जाए जाने की निन्दनीय घटना घटित हूई, परन्तु सांसद प्रियंका सिंह रावत  के कार्यकर्ताओं व आमजनता के प्रति लगाव व प्रेम ने गरीब परिवारों को बेसहारा होने से बचा लिया।
 बाराबंकी जनपद में प्रशासनिक अधिकारी उद्दण्ड रवैये व तानाशाही से भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बदनाम किया जा रहा है। एसडीएम अजय द्विवेदी पुलिस फोर्स सहित गांव पहुॅचे, जहां उन्होने अनुसूचित जाति के अत्यन्त गरीब व्यक्ति राजाराम कोरी, रामसरन कोरी व राम खेलावन कोरी के खेतो में लगी गेहूं की खड़ी फसल को जोतवाकर नष्ट कराना चाहते थे, यही नही गांव वालो के मुताबिक भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष आलोक कुमार के पक्के मकान को गलत पैमाइश कर गिराने की तैयारी कर ली गई। 
उपरोक्त घटना की सूचना पाकर सांसद प्रियंका सिंह रावत गरीबो की मसीहा बनकर देर शाम गांव चैला पहुॅची, सांसद को अपने सम्मुख देखकर दलित परिवारों ने रो-रोकर न्याय की दुहायी देने लगे और बताया कि उनके पास यही एक मात्र जमीन है, जिससे वह अपने परिवार की जीविका चलाते हैं, पीड़ितो ने बताया कि वह जमीन उन्हें वर्ष 1992 में पट्टा में मिली थी, जो बतौर खतौनी गाटा संख्या- पर हम लोगो के नाम दर्ज हैं। पीड़ितो के आंसू रूकने का नाम नही ले रहे थे। उनकी करूण व्यथा सुन सांसद के साथ उपस्थित लोग द्रवित हो उठे तथा प्रशासन के कुकृत्य पर आक्रोशित होकर अपना धैर्य खो बैठे। सांसद ने जनता का आक्रोश देखते हुए तुरन्त उन्हें शांत रहने की अपील की, घटना स्थल पर सांसद की उपस्थित ने एक बड़ी घटना घटित होने से बचा लिया और एसडीएम को पास बुलाकर उनका पक्ष जानना चाहा, इस पर एसडीएम कोई स्पष्ट उत्तर न पाये और सम्बंधित क्षेत्र के हल्का लेखपाल व अधीनस्थ अधिकारियों को बुलावा भेजा। इस पर सांसद ने सख्त होकर एसडीएम से बिना गरीबो का पक्ष सुने कार्यवाही करने की बात कही, जनप्रतिनिधि के सम्मुख एसडीएम अजय द्विवेदी का व्यवहार उचित नही प्रतीत हुआ और वह बिना कुछ कहे जाने लगे इस पर सांसद ने उन्हें मर्यादित आचरण में व्यवहार करने की नसीहत दी और जवाबदेही से बचकर न भागने को कहा।
प्रेस नोट में ये भी लिखा कि  सांसद प्रियंका सिंह रावत  द्वारा कार्यकर्ताओं व आमजनता के प्रति सहयेग व न्याय की भावना को नजरअंदाज करते हुए दुष्प्रचारित किया गया। सांसद  के प्रयासो के चलते ही चैला गांव के गरीब अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को न्याय मिल पाया और गरीब परिवार बेसहारा होने से बच गयें। दुर्भाग्य है कि जहां माननीय प्रधानमंत्री जी और योगी जी द्वारा गरीब दलित व्यक्तियों को निःशुल्क आवास व भूमि उपलब्ध कराकर उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वही एसडीएम अजय द्विवेदी का यह कृत्य सरकार की नीतियों की घोर उपेक्षा है।

सांसद बोली : IAS को लोगों से बचाया 

- ''बवाल हो जाने के बाद गांव वालों ने उन्हें(SDM) घेर लिया था। मौके पर पहुंचकर मैंने बीच-बचाव किया। उन्हें मेरा शुक्रिया अदा करना चाहिए, लेकिन वो अब उल्टा ही चल रहे हैं।''

News Posted on: 13-12-2017
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