MP-MLAs के खिलाफ क्रिमिनल केस की सुनवाई के लिए 12 स्पेशल कोर्ट बनाई जाएंगी: केंद्र केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट

नई दिल्ली.सांसदों और विधायकों खिलाफ क्रिमिनल केसेज की सुनवाई के लिए 12 स्पेशल कोर्ट बनाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर ये बात कही। SC में एक पिटीशन दाखिल की गई है, जिसमें दोषी नेताओं के ताउम्र चुनाव पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसी केस की सुनवाई के दौरान केंद्र ने SC में ये हलफनामा दाखिल किया है। इससे पहले भी सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि नेताओं के ट्रायल के लिए स्पेशल कोर्ट बनाना देश हित में है।
आजीवन बैन पर केंद्र ने क्या दलील दी थी?
- अप्रैल में सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट (RPA) में ऐसे मामलों से निपटने के लिए कड़े प्रावधान हैं। केंद्र ने आजीवन बैन लगाने की पिटीशन का विरोध किया था। 
- बता दें कि RPA में ऐसे नेता, जिसे 2 साल या उससे ज्यादा जेल की सजा सुनाई गई हो, उसे 6 साल तक चुनाव लड़ने के लिए बैन कर दिया जाता है। ये वक्त सजा पूरी करने के बाद जेल से छूटने पर शुरू होता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था फास्ट ट्रैक कोर्ट बने
- सुप्रीम कोर्ट में सितंबर में जस्टिस जे. चेल्मेश्वर और जस्टिस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा था- MPs and MLAs के प्रति सम्मान जताते हुए हम ये कहना चाहते हैं कि उनके खिलाफ मामलों की सुनवाई जल्द होना चाहिए। इसके लिए कानून के जरिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाना चाहिए।
नई कोर्ट जरूरत हैं, इससे फायदा हुआ है- केंद्र
- सितंबर में केंद्र की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल केके. वेणुगोपाल ने कहा था, "MPs and MLAs के खिलाफ बेहिसाब संपत्ति मामलों की जांच के बारे में सीबीडीटी इन मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है। इलेक्शन कमीशन से भी मदद ली जा रही है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उनके एफिडेविट की भी जांच की जा सकती है। नई कोर्ट वक्त की जरूरत हैं। ये पहले भी बेहतर काम कर चुकी हैं। इनसे फायदा ही हुआ है।"
500 गुना बढ़ी इनकम, SC ने पूछा था- एक्शन क्या हुआ?
- सेंट्रल डायरेक्ट टैक्स बोर्ड (सीबीडीटी) ने सितंबर में सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में सात लोकसभा सांसदों और 98 विधायकों के नाम सौंपे थे। ये वो MP, MLAs थे जिनकी इनकम दो इलेक्शंस के बीच कई गुना बढ़ी पाई गई। सीबीडीटी इनके खिलाफ जांच कर रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जिन नेताओं की प्रॉपर्टी दो चुनावों के बीच 500 फीसदी तक बढ़ गई, उन पर क्या एक्शन लिया गया?
कितने MPs-MLAs पर हैं केस?
- एडीआर ने 4,896 में से 4,852 सांसदों-विधायकों के चुनावी हलफनामों के आधार पर रिपोर्ट दी थी। इनमें से 1,581 पर आपराधिक केस दर्ज हैं।
- 543 लोकसभा सांसदों में से 184 (34%) के खिलाफ क्रिमिनल केस मामले
- 231 राज्यसभा सांसदों में से 44 (19%) पर भी क्रिमिनल केस
- 4078 विधायकों में से 1,353 (33%) के खिलाफ क्रिमिनल केस

News Posted on: 12-12-2017
वीडियो न्यूज़