दलित को परोसें पत्तल पर,सवर्ण को दें थाली में,भारतीय जनता पार्टी दलित विरोधी मानसिकता

फ़ज़ल इमाम मल्लिक
गोपीलाल जाटव मध्यप्रदेश के अशोक नगर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं. वे दलित हैं. बात बहुत पुरानी नहीं है. गोपीलाल जाटव के लिए मध्यप्रदेश की पूरी भारतीय जनता पार्टी ने आसमान सर पर उठा लिया था. कांग्रेस की सवर्ण मानसिकता को लेकर भाजपा लामबंद हो गई थी. तब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नंदकुमार चौहान गोपीलाल जाटव के पक्ष में खड़े थे. चौहान ने तब कांग्रेस के युवा चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने देश भर के दलितों का अपमान किया है. भाजपा ने तब पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस के दलित विरोधी रवैये को लेकर प्रदर्शन भी किया था. मामला एक ट्रामा सेंटर के उद्घाटन का था. ट्रामा सेंटर का उद्घाटन गोपीलाल जाटव ने किया था. भाजपा का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न सिर्फ इस पर नाराजगी जताई थी, बल्कि ट्रामा सेंटर परिसर को गंगा जल से धुलवाया था. भाजपा ने इसे दलितों का अपमान बताया था.
लेकिन अब भाजपा के दलित विरोधी मानसिकता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सवालों के केंद्र में अशोक नगर के दलित विधायक गोपीलाल जाटव ही हैं. अब कांग्रेस हमलावर है और उसने भारतीय जनता पार्टी पर सवर्ण मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. दरअसल सोशल मीडिया पर डाली एक तसवीर ने सारे विवाद को जन्म दिया है. इस तसवीर में गोपीलाल जाटव को पत्तल पर खाना खाते दिखाया गया है. उनके साथ दो और व्यक्ति भी खाना खा रहे हैं. लेकिन वे स्टील की थाली में खा रहे हैं. स्टील की थाली में खाने वालों में एक हैं मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह और दूसरे हैं विदिशा जिला पंचायत अध्यक्ष तोरण सिंह. तसवीर से साफ लग रहा है कि खाना परोसने मे भेदभाव किया गया है. हालांकि जाटव इसका खंडन करते हैं. वे इसे सियासी साजिश बताते हैं.
दरअसल भूपेंद्र सिंह, तोरण सिंह और विधायक जाटव एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. कार्यक्रम के बाद भोजन का इंतजाम भी था. तीनों को एक साथ टेबल पर खाना परोसा गया. तसवीर में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों सिंह यानी भूपेंद्र और तोरण तो स्टील की थाली में खाना खा रहे हैं लेकिन जाटव पत्तल पर. तसवीर सोशल मीडिया पर आने के बाद जाटव सफाई देते हैं. वे इस बात से इनकार करते हैं कि दलित होने की वजह से उन्हें पत्तल पर खाना परोसा गया. जाटव कहते हैं कि भोजन जब परोसा गया तब मैं और भूपेंद्र सिंह ही थे. बाद में तोरण सिंह आए तो मैंने अपनी थाली उन्हें बढ़ा दी. वे मेरे मेहमान थे. इसलिए अपनी थाली उन्हें देना जरूरी समझा. फिर मैंने पत्तल मांगा और उस पर भोजन किया.
जाटव सफाई में यह भी कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ मैंने ही पत्तल पर खाना खाया था, वहां मौजूद दूसरे लोगों और अधिकारियों ने भी पत्तल पर ही खाना खाया था. जाटव इसे साजिश बताते हैं. उनका मानना है कि कुछ लोगों ने भ्रम फैलाने के लिए ऐसा किया है. जाटव लाख सफाई दें लेकिन उनके तर्क खोखले लगते हैं. आखिर यह कैसे यकीन किया जा सकता है कि जिन लोगों ने मंत्री-विधायक के लिए भोजन का इंतजाम किया था, उनके पास दो ही थाली थी. भाजपा इस पर घिर गई है और उसे सफाई देते हुए नहीं बन रहा है.

News Posted on: 12-12-2017
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