UP विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही शुरु होते ही स्थगित, योगी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने की नारेबाजी

लखनऊः 17 वीं विधानसभा का योगी सरकार का पहला बजट सत्र मंगलवार शुरू हो गया है। जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में पहुंचे। लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोल दिया। विपक्ष के नेताओं ने यूपी की कानून-व्यवस्था को लेकर सदन में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थग‍ित करना पड़ा। 
बता दें कि प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शूरू कर दी। जिस पर स्पीकर ने उन्हें यह तक पुछ लिया कि क्या आप सदन की कार्यवाही स्थगित करवाना चाहते है? सभी विपक्ष दल समाजवादी, बसपा और कांग्रेस सब एक ही वेल में आ गए । रायबरेली की घटना, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने जमदाक हंगामा किया। परिणामस्वरूप 12 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
सपा के मुद्दे 
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी पार्टी प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से चढ़ने के मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाएगी। इसके अलावा पार्टी गरीबों तथा किसानों के सामने खड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर भी आवाज बुलंद करेगी।
कांग्रेस के मुद्दे 
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय प्रताप लल्लू ने बताया कि उनकी पार्टी प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों द्वारा आत्महत्या की हाल की घटनाओं को खासतौर पर सदन में उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। यहां तक कि पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं है।
किसान की मौत बेहद गंभीर मामला : कांग्रेस 
लल्लू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की कर्ज माफी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट नीति नहीं ला सकी है। ऐसे में कर्ज की वजह से किसानों द्वारा आत्महत्या बेहद गंभीर विषय है। लल्लू ने कहा कि उनकी पार्टी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के खिलाफ नहीं है मगर सरकार जिस तरह से इसे व्यापारियों पर थोप रही है, कांग्रेस उसके खिलाफ है और वह इस मुद्दे को भी इस सदन में उठाएगी।
उठेगा इंसेफेलाइटिस का मामला 
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूर्वाचल में इंसेफेलाइटिस की बीमारी की वजह से बच्चों की मौत के मामले को भी उठाएगी। इस साल अब तक इस बीमारी से कम से कम 70 बच्चों की मौत हो चुकी है और सरकार एक करोड़ वैक्सीन लगाने के दावे कर रही है।
बसपा के मुद्दे 
इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि उनकी पार्टी भी विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था तथा अन्य प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
बजट सत्र में होंगी 14 बैठकें 
विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम के तहत विधानसभा के बजट सत्र में कुल 14 बैठकें होंगी। बजट 2017-18 पर चर्चा के लिए अलग-अलग दिन मुकर्र किए गए हैं। प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार ने गत वर्ष दिसंबर में इस साल जुलाई तक के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया था। आगामी बजट सत्र के दौरान सदन में बजट के अलावा कई अन्य विधाई कार्य भी किए जाएंगे। प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के पास 325 सीटें हैं, वही विपक्ष के केवल 74 सदस्य हैं।
पिछले सत्र में राज्‍यपाल से हुई थी बदसलूकी
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचंड एवं बहुमत के साथ सरकार में आने के बाद गत मई में आहूत विधानमंडल के पहले सत्र में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था और अभिभाषण पढ़ रहे राज्यपाल राम नाईक की ओर कागज के गोले फेंके थे।
सरकार पर 36 हजार करोड़ का बोझ 
इस सत्र के दौरान सदन में जीएसटी विधेयक को आम सहमति से पारित किया गया था। राज्य सरकार को प्रदेश के करीब 86 लाख लघु तथा सीमांत किसानों के एक लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करने से राजकोष पर पड़ने वाले 36000 करोड़ रुपए के बोझ को हटाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों का प्रबंध करना होगा।
सातवें वेतन आयोग के खर्च पर भी फोकस
इसके अलावा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से आने वाले 34000 करोड रपए के अतिरिक्त खर्च को पूरा करने के लिए भी उसे संसाधन जुटाने होंगे। माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार होगा जब किसी एक वित्‍तीय वर्ष में राज्य की किसी सरकार को इतनी बड़ी धनराशि की जरूरत होगी।
सरकार अपने खर्चों में करेगी कटौती 
हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि किसानों के कर्ज माफी की वजह से पड़ने वाले वित्‍तीय बोझ को नए कर के माध्यम से जनता पर नहीं थोपा जाएगा। सरकार अपने खर्चो में कटौती करके इसकी भरपाई करेगी। योगी ने कहा था कि उनकी सरकार ने विभिन्न हस्तियों के नाम पर होनेवाले 15 सार्वजनिक अवकाशों को समाप्त कर दिया है और इससे सालाना करीब 50,000 करोड़ रुपए के राजस्व की बचत होगी। किसानों की कर्ज माफी के वास्ते धन एकत्र करने के लिए राज्य मंत्रीमंडल ने 36,359 करोड रुपए की धनराशि जुटाने के मकसद से किसान राहत बांड जारी करने का फैसला किया है।
यहां से कर्ज लेगी योगी सरकार 
इसके अलावा राज्य सरकार ने हुडको, नाबार्ड ग्रामीण विद्युतीकरण निगम तथा विद्युत वितरण निगम से 16,580 करोड़ रपए का कर्ज लेने का फैसला भी किया है। इस धन का इस्तेमाल सड़कें बनाने, राजमार्गो को उच्चीकृत करने एक्सप्रेस-वे बनवाने, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए मकान बनवाने तथा नगरीय विकास एवं बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में किया जाएगा।
 

News Posted on: 11-07-2017
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