बिगड़ते रिश्‍ते : चीन ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों को सचेत रहने की दी सलाह

नई दिल्‍ली: भारत-चीन के बीच सिक्किम क्षेत्र में जारी गतिरोध के बीच चीनी दूतावास ने भारत में अपने नागरिकों को सुरक्षा के लिहाज से सचेत रहने को कहा है. चीनी दूतावास की एडवाइजरी ऐसे वक्‍त आई है जब महज 24 घंटे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में हो रहे दो-दिवसीय जी-20 सम्मेलन से इतर ब्रिक्स देशों के प्रमुखों की अनौपचारिक बैठक के दौरान एक दूसरे की तारीफ की. बैठक के लिए कमरे में दाखिल होने पर भी दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और अभिवादन किया.
इसके साथ ही शी चिनफिंग ने ब्रिक्स देशों से शुक्रवार को अपील की कि वे 'क्षेत्रीय संघर्षों एवं विवादों' का 'राजनीतिक एवं शांतिपूर्ण समाधान' खोजें. चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्‍हुआ ने बताया कि शी ने जर्मन शहर हैम्‍बर्ग में जी-20 शिखर सम्मलेन के इतर ब्रिक्स देशों के नेताओं की अनौपचारिक बैठकों में यह अपील की.
उन्होंने ब्रिक्स देशों के सदस्यों से अपील की कि वे वैश्विक मुक्त अर्थव्यवस्था का सतत निर्माण करें, बहुपक्षवाद को समर्थन दें और साझा विकास को प्रोत्साहित करें. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी के अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति माइकर टेमेर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने भाग लिया.
दरअसल भारत और चीन के बीच पिछले महीने से ही सिक्किम के निकट सीमा को लेकर विवाद चला आ रहा है. चीन ने भारत के लिए कई चेतावनियां जारी की हैं, जिनमें से कुछ सरकारी समाचारपत्रों के ज़रिये दी गईं. चीन का कहना है कि सिक्किम के निकट डोकलाम इलाके से भारत को अपनी सेनाएं हटा लेनी चाहिए, क्योंकि चीन उसे अपना इलाका मानता है. दरअसल, भारतीय सेना वहां चीन द्वारा बनाई जा रही सड़क को रोकने के लिए पहुंची थी, जो भारत के अनुसार, सुरक्षा के लिहाज़ से ठीक नहीं है.

News Posted on: 08-07-2017
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