वाह रे कश्मीरी लानत पीटे मुसलमान शबे क़द्र २७ रमजान को मस्जिद के बाहर मुस्लिम DSP को पीट-पीटकर मार डाला,मोदी और उनकी महबूबा तुम यज़ीदी मुसलमानो माफ़ कर दे,लेकिन अल्लाह नहीं माफ़  करेगा क़ातिलों तुमको.......


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क़तर और सऊदी अरब के बीच टकराव की आख़िर असली वजह क्या है???

विश्व भर में चरमपंथी विचारधारा और आतंकवाद के प्रसार में सऊदी अरब ने क़तर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद रियाज़, दोहा पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाकर उसका हुक़्क़ा पानी बंद कर रहा है।
अरब विश्लेषक मारवा उस्मान का कहना है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात ने अपने कुछ घटक अरब देशों के साथ मिलकर अपने ही एक साथी क़तर को आँखें दिखाने के लिए सबक़ सिखाने का मन बना लिया है, जबकि सऊदी अरब ख़ुद विश्व भर में कट्टरपंथी विचारधारा और तकफ़ीरी आतंकवाद की मूल जड़ है।
सऊदी अरब और क़तर ने मिलकर सीरिया और इराक़ में दाइश समेत तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों का जमकर समर्थन किया और उन्हें हर प्रकार की सहायता पहुंचाई और इसके अलावा, यमन को तहस नहस करके रख दिया।
यहां यह सवाल उठता है कि अब आख़िर कौन सी ऐसी वजह है कि जिसके चलते यह दोनों अरब एवं पड़ोसी देश अपने मतभेद वार्ता द्वारा हल नहीं कर सकते और आरपार की लड़ाई के लिए एक दूसरे के सामने हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब और क़तर के बीच मतभेदों का इतिहास यद्यपि बहुत पुराना है, लेकिन नए दौर में इसे 2011 में अरब जगत में शुरू होने वाली जागरुकता की परिधि में देखा जा सकता है।
2011 में अरब और उत्तर अफ़्रीक़ा के देशों में शुरू होने वाली जागृति की लहरों पर सवार होकर सऊदी अरब और क़तर ने राजनीतिक संकट का शिकार होने वाले देशों पर निंयत्रण के लिए प्रतिस्पर्धा शुरू कर दी। इन देशों ने अपने यहां राजनीतिक सुधार करने के बजाए, अन्य पड़ोसी देशों में राजनीतिक उथल पथल को कैश करने की साज़िश शुरू कर दी और ट्यूनीशिया से लेकर सीरिया तक विभिन्न चरपंथी गुटों का समर्थन और उनकी फंडिंग शुरू कर दी।
मिस्र में जहां सऊदी अरब ने मोहम्मद मुर्सी के नेतृत्व में बनने वाली मुस्लिम ब्रदरहुड की सरकार को गिराने के लिए अपने ख़ज़ाने के दहाने खोल दिए वहीं क़तर ने मुर्सी को बचाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया। इस प्रकार दोनों एक दूसरे को चुनौती पेश करते रहे और आज नौबत यहां तक आन पहुची है कि अब खुलकर एक दूसरे के सामने खड़े हैं और सऊदी अरब क़तर स्पष्ट रूप से क़तर में तख़्तापलट और सत्ता परिवर्तन की बात कर रहा है। 

News Posted on: 06-06-2017
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