वाह रे कश्मीरी लानत पीटे मुसलमान शबे क़द्र २७ रमजान को मस्जिद के बाहर मुस्लिम DSP को पीट-पीटकर मार डाला,मोदी और उनकी महबूबा तुम यज़ीदी मुसलमानो माफ़ कर दे,लेकिन अल्लाह नहीं माफ़  करेगा क़ातिलों तुमको.......


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हजरत अली अ. के जन्मदिन की मुख्यमंत्री योगी ने दी बधाई,फिरकापरस्त ताक़तों के फट गए कलेजे

 
लखनऊ: हिंदूवादी नेता के रूप में चर्चित यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को हजरत अली अ. के जन्मदिन की बधाई दी गई।  जैसे ही उनके ट्विटर हैंडल पेज से बधाई का ये मैसेज डाला गया कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने योगी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने उनसे ट्वीट कर पूछा-योगीजी बस यही होना बाकी था। वहीं कई लोग उनके इस ट्वीट का विरोध करते दिख।
किसने क्या कहा? 
#हिंदू राष्ट्र नाम के एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया-''जीतने के बाद आप मौलाना बन गए?''
#एस.एन झा ने लिखा-''यही होना बाकी था, मैं आपको अनफॉलो करने जा रहा हूं।''
#दयानंद सिंह नाम के यूजर ने रिप्लाई किया-''मेरे हनुमान जयंती पर किसी कठमुल्ले ने शुभकामनाएं दी क्या?''
#आदित्य कुमार नाम के यूजर ने लिखा-''सर आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी!''
#अंकित कुमार मिश्रा ने लिखा- ''देख कर दुख हो रहा कि सेक्युलर वाला रोग हमारे योगी जी को भी लग गया है।''
#जय तिवारी ने लिखा-''योगी जी आप ये क्या कर रहे हैं?''
#संतोष वर्मा ने लिखा-''माननीय योगी जी, ये हजरत अली कहां से आ गए, हमारे देश का ताल्लुक हनुमान जी से है।''
#सत्या शर्मा ने लिखा-''आपसे निवेदन है कि किसी अली-खां के जन्मदिन या ईद, ताजिया की बधाई जैसा कुछ न बोलें। हिन्दुत्व पर कायम रहें, सत्ता बची रहेगी।''
#अवधेश शर्मा ने कहा-''ओवैसी, गिलानी, आजम, महबूब मुफ़्ती या अन्य मुस्लिम नेता हनुमान जयंती की बधाई तो नहीं देते, आप क्यों दे रहे हैं?''
कौन थे हजरत अली 
- हजरत अली इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मुहम्मद के दामाद थे। 
- वे अपनी दरियादिली और इंसाफ पसंदी ,और हकबयानी की  बातों के लिए जाने जाते हैं।
- हजरत मुहम्मद की मृत्यु के बाद जिन लोगों ने अपनी भावना से हजरत अली को अपना पहला इमाम (धर्मगुरु) और ख़लीफा (नेता) चुना वो लोग शिया कहलाते हैं।
- शिया विचारधारा के अनुसार हजऱत अली, जो मुहम्मद साहब के चचेरे भाई और दामाद दोनों थे, वही हजरत मुहम्मद के उत्तराधिकारी थे। 
- उनके मुताबिक हजरत अली को ही पहला ख़लीफ़ा (राजनैतिक प्रमुख) बनना चाहिए था। हालंकि ऐसा हुआ नहीं और उन्हें तीन और लोगों के बाद ख़लीफ़ा, यानि प्रधान नेता बनाया गया।

News Posted on: 11-04-2017
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