वाह रे कश्मीरी लानत पीटे मुसलमान शबे क़द्र २७ रमजान को मस्जिद के बाहर मुस्लिम DSP को पीट-पीटकर मार डाला,मोदी और उनकी महबूबा तुम यज़ीदी मुसलमानो माफ़ कर दे,लेकिन अल्लाह नहीं माफ़  करेगा क़ातिलों तुमको.......


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रूहानियत, इन्सानियत, भाईचारा ही इस्लाम है-मौलाना हबीब हैदर

जैसे जैसे साइन्स ने तरक्की की इस्लामी नजरियात साफ समझ आने लगे

नमाज़, रोेज़ा मक्सद नही, मक्सद तक पहुंचने का जरिया है

बाराबंकी। कर्बला सिविल लाइन्स में आयोजित मरहूमा रबाब फातिमा बिन्ते बषीरूल हसन जैदी के चालीसवें की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना हबीब हैदर साहब ने कहा रूहानियत, इन्सानियत और भाईचारा ही इस्लाम है। मौलाना हबीब ने आगे कहा अमीरूल मोमनीन अली इब्ने अबी तालिब इन्सानियत के सबसे बडे उस्ताद थे। जहां यतीम और बेवाओं को सुकून हांसिल होता है उसे अबूतालिब आले इमरान कहते है। उन्होंने यह भी कहा मोहम्मद (सअव) व आले मोहम्मद से जो भी बावस्ता हो जाता है उसे उरूज हांसिल हो जाता है। उन्होंने कहा उरस्तू, सुखरात व जैनिजम व बौद्धिस्ठ व नजरान का नजरिया दुनिया के कई मुल्कों में रायज थे लेकिन साइंस की तरक्की के साथ साथ 90 फीसद खत्म हो गयी वहीं इस्लामी नजरियात जो मोहम्मद (सअव) व आले मोहम्मद, अबूतालिब व अली (अ) के जरिये दुनिया के सामने पेष किये गये साइंस की तरक्की के साथ साथ उसका खुलासा सामने आने लगा। जो बात साइंस आज 1400 वर्ष बाद जाहिर कर पायी वह अली(अ) ने 1400 वर्ष पहले करके बता दिया कि इस्लाम के नजरियात हक व इन्साफ के साथ साथ इन्सानियत व रूहानियत की भलाई और भाई चारे को ध्यान में रखते हुए बनाये गये थे अन्त में कर्बला वालों के मसायब पेष किये जिसे सुनकर मोमनीन रो पड़ेा। मजलिस से पूर्व अजमल किन्तूरी, हबीब हैदर, सरवर अली रिज़वी, व आसिफ अख्तर ने नजरानये अकीदत पेष किये। मजलिस में मौलाना राहत, मौलाना हिलाल अब्बास, डाॅ0 असद अब्बास आदि के अलावा सैकड़ो लोगों ने षिरकत की। बादे मजलिस फातहे का इन्तेजाम हुआ। बानिये मजलिस ने सभी आये हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया। 

News Posted on: 09-04-2017
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