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जब भी समाजवादी आन्दोलन की संघर्ष गाथा का जिक्र होता है तब राजनाथ शर्मा का नाम जरूर आता है-अरविन्द सिंह गोप

 समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा का 73वां जन्म दिन ‘संघर्ष दिवस’ के रूप में मनाया गया

बाराबंकी। गांधी भवन में डा. लोहिया के पथ के अनुगामी समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा का 73वां जन्म दिन ‘संघर्ष दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस मौके पर राजनाथ शर्मा के समाजवादी संघर्ष से जुड़ी कुछ जीवन्त तस्वीरों का प्रदर्शन भी हुआ तथा उनके समाजवादी संघर्षों पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया गया। वहीं इस दौरान हस्ताक्षर अभियान के अन्तर्गत लोगों ने राजनाथ शर्मा को जन्मदिवस की बधाई देते हुए शुभकामना संदेश लिखे। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत नगर पुरोहित पंडित अश्वनी कुमार मिश्र द्वारा श्रीराम चरित मानस का सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया। 
गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित जन्म दिवस समारोह में ‘समाजवादी समागम’ का जोश देखने को मिला। सभा की अध्यक्षता कर रहे वयोवृद्ध समाजवादी चिन्तक सगीर अहमद ने कहा कि राजनाथ शर्मा ने गांधी और लोहिया के आदर्शो को माना ही नहीं बल्कि उनके विचारों को अपने आचरण में भी लाने का काम किया। उन्हीं विचारों से आज तक समाजवाद को आमजन से जोड़ने का प्रयास करते आ रहे है। 
वरिष्ठ पत्रकार धीरेन्द्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान एक प्रस्ताव प्रस्तुत कर जन समर्थन लिया कि शराब दुकानों को बंद कराने के लिए संघर्ष कर रही सूबे की महिलाओं का अभिनंदन किया गया और आन्दोलन का नैतिक समर्थन भी किया गया। महिलाओं के समर्थन में राज्य सरकार से मांग की गई कि उन पर लगे मुकदमों को वापस लिया जाए। पूर्व मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कहा कि राजनाथ दादा से समाजवाद सीखने को मिलता है। उनके व्यक्तित्व और कार्यों में समाजवाद की झलक दिखाई पड़ती है। जब भी समाजवादी आन्दोलन की संघर्ष गाथा का जिक्र होता है तब राजनाथ शर्मा का नाम जरूर आता है। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघु ठाकुर ने कहा कि सबका साथ सबका विकास होना तब तक सम्भव नहीं है जब तक उनके कार्यों में समाजवाद की झलक नहीं दिखाई पड़ती। राजनाथ शर्मा का संघर्ष और सत्याग्रह अन्तिम आदमी को न्याय दिलाने के लिए होता है। 
उ0प्र0 सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल ने कहा कि राजनाथ शर्मा में गांधीवाद और लोहियावाद का समान मिश्रण है। वह एक संत पुरूष हैं जो समाज का चिन्तन करते रहते हैं और समाज के बारे में सोचते हैं। उनका जीवन ही समाज को समर्पित है। पूर्व विधायक प्रोफेसर खान मोहम्मद आतिफ ने कहा कि हिन्दू मुसलमान सगे भाई हैं, वहीं अरब और इजराइल चचेरे भाई हैं फर्क सिर्फ धर्म का है। आज सगे भाई और चचेरे भाई के बीच धर्म के नाम पर नफरत की फिजा बनाई जा रही है। उस नफरत की फिजा को तोड़कर मोहब्बत की फिजा बनाने का काम राजनाथ शर्मा कर रहे हैं। वरिष्ठ समाजवादी नेता शहनवाज कादरी ने कहा कि आज जरूरत है समाज को राजनाथ जैसा बनने की। जो कर्म से समाजवादी हो और त्याग से भी समाजवादी हो। 
पूर्व न्यायाधीश बी.डी. नकवी ने कहा कि राजनाथ शर्मा एक संस्थान हैं जो डा लोहिया से जुड़ी उन तमाम विचारधाराओं पर काम करते हैं जो आज समाज की जरूरत बन गई हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता जगत नारायण दुबे ने कहा कि राजनाथ शर्मा के कार्यों में राष्ट्रवाद और समाजवाद दोनों की झलक दिखाई पड़ती है। वह जितना डा लोहिया से प्रभावित हैं उतना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय से भी प्रभावित हैं। इस मौके पर गोरखपुर से आये वयोवृद्ध समाजवादी नेता सरदार देवेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद के सलाहकार एसएम साहिल, शिव कुमार राय, भवानीदत्त भट्ट, डा रईस अहमद खान, अताउर्रहमान किदवई, रमाशंकर सिंह, दिलीप गुप्ता, बृजेश दीक्षित, इजहार हुसैन, जमील अहमद सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। 
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, समाजसेवी नासिर खान, अशोक शुक्ल, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, हसीब हिन्दुस्तानी, रवि प्रताप सिंह, एनएन अवस्थी, स्टेशन अधीक्षक वीके शुक्ला, फहीम सिद्दीकी, कौशल किशोर त्रिपाठी, अनंत पाण्डेय, हुमायू नईम खान, फरहत उल्ला किदवई, नदीम सिद्दीकी, यादवेन्द्र प्रताप सिंह यादव, रणधीर सिंह सुमन, एहतिशाम खान, चौधरी कुलवीर सिंह, हिसाल बारी किदवई, साकेत मौर्या, शिवा शर्मा, पत्रकार दीपक मिश्रा, रिजवान मुस्तफा, संतोष शुक्ला, आसिफ हुसैन, मनीष ठाकुर, अदीब किदवई, विश्वनाथ सोनी, वरूण सिंह चौहान, विजय कनौजिया सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। 

News Posted on: 09-04-2017
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