अज़मते मां फात्मा जहरा (स.अ.) पर इंटरनेशनल सेमिनार महिलाओ का सम्मान,हिजाब,तीन तलाक और वक्फों बचाने की मांग को लेकर हुई चर्चा आम

बाराबंकी। टाउन हाल नगर पालिका बाराबंकी में आज अज़मते मां फात्मा जहरा (स.अ.) पर इंटरनेशनल  सेमिनार यश भारती पुरस्कार पाए प्रोफेसर शारिब रूदौलवी की सदारत में आयोजित हुआ जिसमे वक्ताओं ने महिलाओ को सम्मान, हिजाब,तीन तलाक और वक्फों बचाने की मांग को लेकर वक्ताओं ने तकरीरे की ,इस अवसर पर ज़िले के  कोने कोने से आकर हर धर्म के लोगो ने शिरकत की. 
तिलावते कलामे पाक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई संचालन  मौलाना सैयद मोहम्मद  रज़ा रिज़वी  इमामे जुमा, मस्जिद इमामियां  ने किया  इस कार्यक्रम में वक्ताओं का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया अवधनामा के एडिटर वक़ार रिज़वी और अमीर हैदर एडवोकेट ने खिताब किया वही मेहमाने खुसूसी ईरान से आये मौलाना मोहम्मद  अब्बास आज़मी ने कहा  तालीमाते  फात्मा ज़हरा से दूर होने वाले हक़ से दूर होते हैं.123999 नबी जिसकी ताज़ीम करें उसे हज़रत मोहम्मद स.अ. कहते हैं,और रसूले खुदा स. अ. जिसकी ताज़ीम करें उसे फातिमा ज़हरा स. अ.  कहते हैं,
प्रोफेसर शारिब रुदौलवी ने कहा  जनाबे फ़ातेमा ज़हरा ने महिलाओ का सम्मान,और उनको माँ बीवी और बेटी बनकर कैसे ज़िन्दगी गुज़ारी जाये पूरी दुनिया की महिलाओ को जीने का सलीका सिखाया
प्रोफेसर अनीस अशफ़ाक़  पूर्व हेड आॅफ दी डिपार्टमेन्ट उर्दू लखनऊ यूनिवरसिटी ने कहा हक़ तलफी  के मुक़ाबले हक़ तलबी की तालीम जिस घराने में मिली वो घराना हज़रात फातेमा ज़हरा  का हैं उन्होंने आगे कहा बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को अगर अमली जामा पहनाना हैं तो हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का किरदार सामने लाना होगा 
नायब पेश इमाम जामा मस्जिद बाराबंकी के  मौलाना मोहम्मद अख्तर साहब  ने कहा औरतो को  फात्मा ज़हरा  की ज़िन्दगी से सबक लेना चाहिए उन्होंने बेहतरीन माँ ,पत्नी का किरदार निभा कर ज़माने भर की औरतो को मार्ग दर्शन दिया हैं,
मौलाना जवाद अस्करी ने कहा फ़ातेमा नाम हैं कायनात के सबसे बड़े राज़ का,अगर जनाबे फात्मा ज़हरा ना होती तो कायनात में रिसालत और इमामत का वजूद न  होता ,
वरिष्ठ पत्रकार  हशमतुल्लाह ने कहा इस्लाम नाम हैं क़ौले रसूल व अमले रसूल का। 
दाऊ जी गुप्ता साहब पूर्व मेयर लखनऊ ने कहा नाबीना आने पर भी परदे में जाकर दुनिया वालो को पैगाम दिया हुक्मे क़ुरान क्या हैं  अगर नाबीना नहीं देख सकता तो क्या हुआ हम तो देख सकते हैं हमारी निगाह भी नहीं पड़ना चाहिये न महरम पर । 
ईरान में तालीम हासिल कर रही ख्वाहर गुलनाज हैदर ने कहा औरतो के लिए तालीम ज़रूरी हैं इल्म के बगैर तरबियत अधूरी होती हैं उन्होंने ये भी कहा हिजाब औरतो के लिए सिपर हैं जो दीन और आख़िरत के लिए काम करता हैं वो दिखावे से दूर रहता हैं गर अपने आप को पहचानना हैं तो अपने दीन को पहचानो सिर्फ जानो नहीं 
सेव वक़्फ़ इंडिया के चेयरमैन उमेर किदवई ने कहा की हम फ़िदक की तो बात करते हैं लेकिन वक़्फ़ संपत्ति बचाने के लिए कुछ नहीं करते क्यों ?माँ फ़ातेमा ज़हरा स.अ, की विलादत पर हम ये अहद करें की वक़्फ़ संपत्ति को बचाएंगे 
चेयर मैन नगर पालिका रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने कहा माँ फ़ातेमा ज़हरा के पैगाम ही महिलाओ को दिला  सकते हैं सम्मान ,
डाॅ0 जलीस फातमा रिज़वी साहबा प्रोफेसर एरा मेडिकल काॅलेज लखनऊ ने कहा जनाबे फ़ातेमा  ज़हरा ने कहा जिहालत के दौर में रौशनी बनकर आयी  हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स.अ. के  पैगाम  आज महिलाओ को सम्मानदिलाने वाला हैं.
इस मौके पर मौलाना इब्ने अब्बास ,मौलाना साहबान, बड़ी संख्या में लोगो ने शिरकत की 
अंत में इदारा मोहिब्बाने फ़ातेमा ज़हरा कमेटी के तहज़ीब अस्करी ,मज़ाहिर हुसैन ,मनाज़िर हुसैन ,आमिर रज़ा , डॉ हैदर ,ज़ीशान हैदर ,सादिक हुसैन,रज़ा हुसैन रिज़वी,हसन सज्जाद ज़ैदी ,रिज़वान हुसैन ने सभी का शुक्रिया अदा किया।  

News Posted on: 19-03-2017
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