वाह रे कश्मीरी लानत पीटे मुसलमान शबे क़द्र २७ रमजान को मस्जिद के बाहर मुस्लिम DSP को पीट-पीटकर मार डाला,मोदी और उनकी महबूबा तुम यज़ीदी मुसलमानो माफ़ कर दे,लेकिन अल्लाह नहीं माफ़  करेगा क़ातिलों तुमको.......


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देश का नाम रौशन करने वाले हरदिल अज़ीज़ शायर और शिक्षक सज्जाद बाराबंकवी का ट्रेन हादसे में इन्तेक़ाल,

बाराबंकी में  कोहरांम ,पुरसा देने वालो का लगा ताँता

बाराबंकी-हर दिल अज़ीज़ शायर और पेशे से शिक्षक अली सज्जाद ज़ैदी -४२ की आज सुबह  बुढ़वल रेलवे स्टेशन पर त्रिवेंदरम एक्सप्रेस से गिरकर मौत हो गयी। इनके दर्दनाक हादसे की खबर आग की तरह फैल गयी लोग बिलखते हुए  घरो से निकल पड़े। लाश पोस्टमॉर्टम के लिए बाराबंकी लायी गयी हैं ,असंद्रा थाने  के ग्राम संगरौरा  शाम ७ बजे  सुपर्दे ख़ाक किये गये। 

मालूम हो ४२ वर्षीय अली सज्जाद ज़ैदी मशहूर उस्ताद शायर  डॉक्टर गयूर उर्फ के बड़े बेटे थे और उर्दू टीचर के रूप में संगरौरा तैयब में पोस्ट थे। लखनऊ  किसी काम से गए थे आज भी सुबह लखनऊ से  हैदरगढ़ जाने के लिए निकले  थे  9  बजे से स्कूल  में इम्तेहान था और सज्जाद उसके इंचार्ज थे। गलती से त्रिवेन्दम एक्सप्रेस में बैठ गए जो सुल्तानपुर के बजाये ये  बाराबंकी होते हुए जा रही थी।
इनके ज़ेहन में आया  की बाराबंकी उतर  कर वहा से चले जायेंगे लेकिन जब ट्रेन  बाराबंकी में भी नहीं रुकी तो ये बेचैन हो गए इस इन्तिज़ार  किसी स्टेशन पर  रुके  धीरी हो तो उतर  जाए ,बुढ़वल में  ट्रेन धीरी हुई तो वो चलती ट्रैन से उतरने लगे प्लेटफॉर्म नीचे होने से अंदाज़ा नहीं लगा और पैर फिसल गया और वो ट्रेन  के नीचे चले गए एक चीख की आवाज़ ने इस मिलनसार नवजवान देश का नाम रौशन करने वाले शायर को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
इनकी  ख़ामोशी  हज़ारो लोगो के आंसू बनकर निकल पडी ,
इनकी  जेब से निकले पर्चे में लिखे शेर उनकी बुलंदी और अज़मत को बयां कर रहे थे 
तलाशे हक़ में निकल के देखो 
कभी तो पहुचो गुमा से आगे 
हैं अहलेबैते नबी की मंज़िल 
हुदूदे कौनो मकां से आगे 
मरहूम सज्जाद अपने पीछे पत्नी और साल भर का बेटा मोहम्मद गाज़ी को छोड़ गए हैं। गांव संगरौरा के स्कूल के बच्चे बेकरार होकर तड़पते रोते दिखाई पड़े.भाई,बहन माँ बाप, की तड़पन  तो ज़ाहिर हैं लेकिन गांव और जवार शहर और मुल्क से हज़ारो लोगो के पुरसे के  पैगाम आ रहे हैं।
 आफ़ताबे मिल्लत मौलाना कल्बे जवाद  नक़वी,तंजीमुल मकतिब के सेक्रेटरी मौलाना सफी  हैदर साहब  इस हादसे से स्तब्ध रह गए।  उन्होंने सज्जाद को नेक और मिलनसार बताते हुए कहा इंसानियत के लिए बड़ा नुक्सान हुआ हैं। दरियाबाद बाद विधायक सतीश शर्मा ने दुःख का इज़हार करते हुए कहा मेरा अज़ीज़ दोस्त आज  नहीं रहा हम इनकी आत्मा की शांति और इनके परिजनों को पुरसा  देते हुए  प्राथना  करते हैं,राज्य सभा सदस्य पी एल पुनिया , पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुचकर परिजनों का पुरसा  दिया।
ज़िलाधिकारी डॉ रौशन जैकब और पुलिस कप्तान वैभव कृष्ण ने सज्जाद की मौत पर दुःख का इज़हार  करते हुए अधिकारियो को तत्काल पोस्टमॉर्टम  कर 
परिजनों को लाश सौपने के निर्देश दिए। 
 
रात ७ बजे सज्जाद को उनके गांव संगरौरा क़े इमाम बाड़े मे सुपर्दे खाक किया गया पंजुम की मजलिस जुमेरात को होगी
News Posted on: 18-03-2017
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