दल-बदल पड़ सकता है बैजू पर भारी
बाराबंकी। लालबत्ती पाने के कतार में सबसे आगे लगे हैदरगढ़ के विधायक बैजनाथ रावत उर्फ बैजू को पार्टी में अदला बदली का कार्यक्रम काफी महंगा पड़ सकता है। क्योंकि बैजनाथ ने वर्ष 1992 से शिक्षक का कार्य छोड़कर राजनैतिक मैदान में आये थे और पहले ही चुनाव में राम लहर के कारण विधानसभा क्षेत्र सिद्धौर से विधायक बने थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इनको प्रदेश का विद्युत राज्यमंत्री बनाकर जिले का सम्मान बढ़ाया था। लेकिन उसके बाद बैजनाथ भाजपा से दो बार विधायक और एक बार सांसद भी बने लेकिन जब भाजपा के बुरे दिन शुरु हुए तो उन्होने भाजपा का दामन छोड़कर पहले सपा और पिछले विधानसभा चुनाव में वह विधानसभा क्षेत्र जैदपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़े थे। लेकिन चुनाव के अहम मौके पर वह पुनः भाजपा में शामिल हुए वह हैदरगढ़ टिकट पाकर चुनाव जीत गये। अगर प्रदेश के नेतागणों ने उनके इस अदला बदली कार्यक्रम पर ध्यान नही दिया तो सरल स्वभाव के बैजू को जिले से मंत्री पद मिल सकता है। 

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वाह रे कश्मीरी लानत पीटे मुसलमान शबे क़द्र २७ रमजान को मस्जिद के बाहर मुस्लिम DSP को पीट-पीटकर मार डाला,मोदी और उनकी महबूबा तुम यज़ीदी मुसलमानो माफ़ कर दे,लेकिन अल्लाह नहीं माफ़  करेगा क़ातिलों तुमको.......


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सपाई दिग्गज मंत्रियों को हराने वाले माननीयों को है लालबत्ती का इंतजार

संतोष शुक्ला
बाराबंकी। प्रदेश में विराट जनसमर्थन से हासिल हुई सत्ता की चाभी अब भाजपा के पाले में आ चुकी है। 403 विधायको वाली सबसे बड़े सूबे में 312 जनप्रतिनिधि भाजपा के विधानसभा पहुंचे है। जो भाजपा के पक्ष में जनता का सबसे बड़ा जनादेश साबित हुआ। हर तरफ भगवा ही भगवा लहराता गया और जीत का स्तम्भ इतना ऊँचा गाड़ दिया कि बड़े बड़े सियासी सूरमा चारो खाने चित्त नजर आये और सत्ता की ओर बढ़े  नाम का बवंडर इस कदर घूमा कि जिसमें कई सियासी दिग्गज हिचकोले लेते नजर आये। इसी बवंडर में बाराबंकी भी शामिल हुई। बाराबंकी में भी सपाई दुर्ग को ढहा भगवा लहराया है।
पिछले चुनाव में बाराबंकी की सभी 6 विधानसभाओ में सपा का परचम लहराया था।जो अबकी बार सिर्फ एक सीट ही बरकरार रख पाई है बाकि पाँच सीटो पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। अखिलेश सरकार में जिले से तीन विधायक मंत्री पद से नवाजे गए थे जो कि इसबार भाजपा के विधायको ने इन तीनो मंत्रियो को पटखनी देते हुए सपा के किले को नेस्तनाबूत कर दिया है। ऐसे में हर तरफ समर्थको में यही आवाज उठ रही है कि मंत्री को पटखनी देने वाला बने मंत्री!
बताते चले बाराबंकी में निवर्तमान सपा सरकार में तीन विधायक मंत्री पद पर थे। जिनमे रामनगर से अखिलेश के करीबी व कद्दावर नेता अरविन्द सिंह गोप को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद अवस्थी ने पटखनी देते हुए जबरदस्त जीत हासिल करते हुए रामनगर विधानसभा सीट पर भगवा लहराया। श्री अवस्थी को 88 हजार 937 मत प्राप्त हुए। उन्होनें समाजवादी पार्टी के कद्दावार नेता, पूर्व कबीना मंत्री और निवर्तमान विधायक अरविन्द सिंह गोप को 22 हजार 787 मतों से परास्त किया। दूसरे स्थान पर रहे पूर्व मंत्री को 66 हजार 210 मत प्राप्त हुए। तो वहीं दरियाबाद से जिला पंचायत सदस्य व युवा भाजपा नेता सतीश शर्मा ने सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह को बड़े अंतर से पराजित किया। सतीश की इतनी बम्फर जीत इस मायने में भी अलग है कि उन्होंने न केवल मंत्री को हराया बल्कि एक ऐसे नेता को पराजित जिसने लम्बे समय से दरियाबाद की सीट पर अपना कब्जा जमा रखा था। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में सपा सरकार दौरान रहे राज्यमंत्री राजा राजीव कुमार सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा के युवा उम्मीदवार सतीश शर्मा ने राजा राजीव कुमार सिंह को 50 हजार 686 मतों के रिकार्ड अंतर से पराजित किया। भाजपा उम्मीदवार श्री शर्मा ने एक लाख 19 हजार 173 मत प्राप्त किये। जबकि दूसरे स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी एवं पूर्व राज्य मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह ने 68 हजार 487 मत प्राप्त किये। सतीश की जीत युवाओ में जबरदस्त पैठ की भी तस्वीर बयाँ कर रही है।जसके चलते सोसल मीडिया पर उठ रही आवाज सतीश शर्मा को मंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। जिसप्रकार सोशल मीडिया पर मुख्यमन्त्री के तौर पर योगी का नाम तेजी से उछल रहा है अमूमन उसी प्रकार क्षेत्रीय जनता की आवाज  दरियाबाद से विधायक सतीश शर्मा को कैबिनेट में अहम रोल देने पर भी तेजी से तूल पकड़ रही है।
इसी प्रकार कुर्सी विधानसभा से भी अखिलेश सरकार ने मंत्री रहे फरीद महफूज किदवई को भाजपा के साकेंद्र वर्मा ने पराजित किया है। भाजपा के साकेन्द्र वर्मा ने सपा प्रत्याशी श्री किदवाई को 28 हजार 679 मतों से परास्त किया। भाजपा उम्मीदवार ने कुल एक लाख आठ हजार 403 मत प्राप्त किये थे। जबकि सपा प्रत्याशी ने 79 हजार 724 मत प्राप्त किये। बसपा प्रत्याशी ने 51091 मत प्राप्त किये। हलाकि अभी भाजपा हाईकमान मुख्यमन्त्री की खोज में मशगूल है। जिसकी अंतिम मुहर आने वाले एक दो दिन में लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
दल-बदल पड़ सकता है बैजू पर भारी
बाराबंकी। लालबत्ती पाने के कतार में सबसे आगे लगे हैदरगढ़ के विधायक बैजनाथ रावत उर्फ बैजू को पार्टी में अदला बदली का कार्यक्रम काफी महंगा पड़ सकता है। क्योंकि बैजनाथ ने वर्ष 1992 से शिक्षक का कार्य छोड़कर राजनैतिक मैदान में आये थे और पहले ही चुनाव में राम लहर के कारण विधानसभा क्षेत्र सिद्धौर से विधायक बने थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इनको प्रदेश का विद्युत राज्यमंत्री बनाकर जिले का सम्मान बढ़ाया था। लेकिन उसके बाद बैजनाथ भाजपा से दो बार विधायक और एक बार सांसद भी बने लेकिन जब भाजपा के बुरे दिन शुरु हुए तो उन्होने भाजपा का दामन छोड़कर पहले सपा और पिछले विधानसभा चुनाव में वह विधानसभा क्षेत्र जैदपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़े थे। लेकिन चुनाव के अहम मौके पर वह पुनः भाजपा में शामिल हुए वह हैदरगढ़ टिकट पाकर चुनाव जीत गये। अगर प्रदेश के नेतागणों ने उनके इस अदला बदली कार्यक्रम पर ध्यान नही दिया तो सरल स्वभाव के बैजू को जिले से मंत्री पद मिल सकता है। 

News Posted on: 17-03-2017
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