दहशत गर्दी के खातमे के लिए एक जुट हो:मौलाना कल्बे जव्वाद

बाराबंकी :: थाना असंद्रा के बेड़ाहरि गाव में तेज़ तर्रार समाजसेवी गरीबो का हमदर्द, मरहूम आगोश मेहदी "फहीम" की बरसी की मजलिस को ख़िताब करते हुए  मौलाना कल्बे जव्वाद साहब ने कहा दहशत गर्दी के खातमे के लिए सब एक जुट हो।और मिलकर अल्लाह से दुआ करे की दहशत गर्दी का खात्मा हो और जो हुकूमते दहशतगर्दो की सपोर्ट करे उनकी इस्लाह कर की दहशतगर्दी का खात्मा करें,और अगर न करें तो उन देशो का खातमा कर दे और उनका वजूद मिटा दे। मौलाना जवाद ने आगे कहा कि अल्लाह ज़्यादा अमल को नहीं बल्कि बेहतरीन अमल को पसंद करता है।
अल्लाह क्वांटिटी नहीं क्वालिटी पसंद करता है। उन्होंने कहा कि इबादत में दिखावे से बचना चाहिए।
हर शै पर का

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इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत पर आइये इमामे ज़माना को पुरसा दिया जाए। उनकी हालाते ज़िन्दगी पर रिज़वान मुस्तफ़ा की रिपोर्ट

 

8वे इमाम हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत पर आज हम सब गमज़दा हैं इसलिए कि इस दुनिया में आये अज़ीमुश्शान इमाम को जिसने इंसानियत ,सच्चाई,हक़ पसंदी,शांति और भाई चारे के लिए अपने को वक़्फ़ कर दिया।उस नेक इमाम को भी आज 23 ज़ीकाद को ज़हर देकर शहीद कर दिया गया ।आइये इमामे ज़माना को पुरसा दीजिये। हम उनकी ज़िंदगी के कुछ पहलूओं को आपकी खिदमत में पेश कर रहे हैं।

इमाम रज़ा अलैहिस्लाम का जन्म पवित्र नगर मदीना में सन 148 हिजरी क़मरी को हुआ था।

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम ने अपने पिता इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम के मार्गदर्शन में ईश्वरीय मार्गदर्शन की शैली सीखी थी।  कुछ नैतिक गुण एसे हैं जो इमाम रज़ा अलैहिस्स

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गुप्त कलासेज में बच्चों को बनाया जा रहा हैं नाफरमान,वाल्दैन हो जाये होशियार : मौलाना कल्बे जवाद

शहर में आयोजित हो रहे गुप्त कलासेज मेंअपने बच्चों को शरीक होने से बचाएं : मौलाना कलबे जवाद
मौलाना ने शहर में आयोजित रहे गुप्त कलासेज की वास्तविकता को उजागर किया, साथ ही शिया वक्फ बोर्ड के हलफनामे की भी आलोचना की
लखनऊ 11 अगस्त : मुंबई और दूसरे शहरों की तर्ज पर लखनऊ में भी गुप्त कलासेज शुरू करने पर कडा रुख व्यक्त करते हुए मौलाना सैयद कलबे जवाद नकवी ने कहा कि दूसरे शहरों की तर्ज पर अब लखनऊ में भी कुछ युवाओं को जमा करके गुप्त कलासेज शुरू हो गए हैं। इन कलासेज में जो शिक्षा दी जाती है उसके लिए छात्रों से कसम ली जाती है कि वहाँ दी जाने वाली शिक्षा के संबंध में अपने माता-पिता से भी बात नहीं करेंगे।इन कलासेज मे&

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हज जैसी इबादत को कमाई का जरिया बनाये हैं सऊदी अरब ?

मक्का -दुनिया भर से लाखों मुसलमान हर बरस हज करने सऊदी अरब आते हैं. हज के वक्त सऊदी अरब में आर्थिक गतिविधियां भी ख़ासी तेज हो जाती हैं.
कई लोगों के जेहन में ये सवाल आता है कि हज और अल-उमरा जाने वाले मुसलमानों से सऊदी अरब को कितनी आमदनी होती है.
सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में इस आमदनी का कितना हिस्सा है.
इस आंकड़ें तक पहुंचने के लिए सबसे पहले तो हज के इरादे से सऊदी अरब जाने वाले मुसलमानों की कुल संख्या निकालनी होगी.
हर बरस कितने लोग मक्का जाते हैं?
पिछले बरस कुल 83 लाख लोग हज के लिए सऊदी अरब आए थे. इनमें से साठ लाख से ज्यादा लोग सउदी अरब के धार्मिक केंद्र अल-उमरा भी गए.
पिछले दशक में औसतन हर बरस 25 लाख मुसलमì

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शिया धर्म गुरु आफ़ताबे शरीयत मौलाना कल्बे जवाद को टाइफाइड,तबियत सीरियस,दुआ की अपील

लखनऊ-मौलाना कल्बे जवाद नक़वी साहब को टाइफाइड हो जाने से उनकी तबियत सीरियस हो गयी है,अचानक गफलत में चले जाने से दुआओ का सिलसिला जारी हैं।

मालूम हो शिया धर्म गुरु आफ़ताबे शरीयत की तबियत 1 हफ्ता पहले से नासाज़ चल रही थी।

सेव वक़्फ़ इंडिया के वाईस प्रेसिडेंट रिज़वान मुस्तफा ने उनसे बुधवार को मुलाक़ात की तो उन्होंने मुज़फ़्फ़रपुर में मौलाना शबीब काज़िम साहब पर वक़्फ़ खोरो द्वारा पुलिस से मिलकर  हुए ज़ुल्म को लेकर देर तक गुफ़्तुगू की जुमे की शाम को मुज़फ्फरपुर में एहतेजाज करने में साथ मे चलने की बात कही।

28 जुलाई को शाम को जब मौलाना जवाद साहब चारबाग़ रेलवे स्टेशन पहुचे तो वहाँ तबियत बेहद खराब हो गयी।तबियत को सीरियस द

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सुन्नी भाई शीओ की आत्मा हैं,किसी भी शिया को परमिशन नहीं हैं की वो सुन्निओं बुरा कहे -डॉ कल्बे सादिक

 

इल्म का दिया जलाओ ,बेटिओ को पढ़ाओ ,दुनिया की  हिफाज़त करो-मौलाना रज़ा हैदर

लड़किओं को तालीम देकर सिर्फ फैमिली ही नहीं पूरा मुल्क और और जनरेशन फ़ैज़याब होती हैं-मौलाना तक़ी हैदर 

बाराबंकी। अपने लिए जीने वाले धार्मिक नहीं होते  दूसरो के लिए जीते हैं वो धार्मिक होते ,सुन्नी भाई शीओ की आत्मा हैं,किसी भी शिया  को परमिशन नहीं हैं की वो सुन्निओं  बुरा कहे  उक्त बात मलिका महिला डिग्री कालेज असन्द्रा बाजार में प्रतिभा सम्मान समारोह में  शिया धर्म गुरू व मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के उपाध्यक्ष डा0 कल्बे सादिक ने कही।
डॉ सादिक ने आगे कहा कि समाज में शिक्षित होना हर इंसान को बहुत जरूरी है। विशेष तौर पर अगर 

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खुदर्गज सियासत और शिवभक्तों की मौत

सुमंगल दीप त्रिवेदी....

बीती रात को अमरनाथ यात्रियों पर हमले की खबर ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया। सोेशल मीडिया पर शोक संवेदनाओं का तांता लग गया। चारों ओर आतंकवाादियों के इस कृृत्य की निंदा की जाने लगी। लेकिन इन सबके बीच मानस पटल पर अचानक कई सवाल भी कौंधनेे लगेे। सभी के दिलोदिमाग मेें ऐसे सवाल उठने लाजमी हैं। भगवान शिव की पूजा-अर्चन का अनुपम महत्व लियेे श्रावण मास की शुरूआत जोे हुई थी। सभी के दिल में संवेदनाएं हिंचकोले ले रहीं थीं तो एक गुस्सा भी छाया हुआ था। श्रावण मास के प्रथम सोमवार की रात साढ़े आठ बजेे बाबा अमरनाथ बर्फानी की यात्रा पूरी कर लौट रहे शिवभक्तों पर  आतंकवादियों द्वारा किय&#

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