जानें, क्यों सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार- हम कचरा उठाने वाले नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने देश में ठोस कचरा प्रबंधन के बारे में केंद्र की ओर से आधी-अधूरी सूचना के साथ लंबा-चौड़ा हलफनामा पेश करने पर मंगलवार को नाराजगी जताई। अदालत ने कहा, आप अपना सारा ‘कचरा’ हमारे सामने डाल रहे हैं। हम ‘कचरा’ उठाने वाले नहीं हैं। ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 को लागू करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने 845 पेज का हलफनामा पेश करने पर यह सख्त टिप्पणी की। जस्टिस मदन बी. लोकूर और दीपक गुप्ता की पीठ ने भारी-भरकम हलफनामा रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, यह स्वयं में ठोस कचरा है। इस तरह का हलफनामा दाखिल करने का कोई मतलब नहीं है जिसमें कुछ भी न हो। पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से कहा, आप क्या 

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41000 खरीदारों को कब तक पजेशन देगा आम्रपाली ग्रुप, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा डीटेल प्लान

 नई दिल्ली-आम्रपाली बिल्डर को अपने 42 विभिन्न प्रॉजेक्ट्स के कुल 41 हजार फ्लैट्स के आवंटन की विस्तृत रूपरेखा सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई में आम्रपाली को यह आदेश दिया। साथ ही, उच्चतम न्यायालय ने खरीदारों से पैसे लेकर भी फ्लैट के पजेशन नहीं देने को गंभीर मामला बताया। अब आम्रपाली ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट में एक सप्ताह के अंदर डीटेल प्लान पेश करना होगा जिसमें इस रियल एस्टेट कंपनी को बताना होगा कि 41,000 फ्लैट खरीदारों को कब तक फ्लैट के पजेशन दे दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लैट खरीदारों की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख तय कर दी। गौ

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HC की लखनऊ बेंच ने PMO और कानून मंत्री पर लगाया 5 हजार का जुर्माना

लखनऊ. इलाहाबाद हाई कार्ट की लखनऊ बेंच ने पीएमओ और कानून मंत्री रविशंकर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। ये मुआवजा कैग रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग से संबंधित पीआईल पर आदेश के बावजूद जवाबी हलफनामा नहीं दाखिल करने के मामले में लगाया गया है। प्रकरण में कोर्ट के आदेश के बाद 5 महीने से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बावजूद जवाब नहीं दाखिल किया गया था। कोर्ट ने बुधवार को ये जुर्माना लगाया है।
-यह आदेश जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस अब्दुल मोईन की बेंच ने सुनील कांदू की ओर से दाखिल पीआईएल पर दिया है। याची के मुताबिक याचिका में केंद्र सरकार द्वारा कैग की मात्र 10 रिपोर्टों पर संज्ञान लेने का मुद्दा उठाया

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सुप्रीम कोर्ट संग्रामः मीडिया पर रोक लगाने से SC का इनकार

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई के साथ चल रहे जजों के विवाद के बाद मीडिया पर रोक लगाने से SC ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने चार जजों के विवाद को प्रकाशित करने, जजों के मुद्दों पर चर्चा और उसके राजनीतिकरण को लेकर मी‌डिया पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। 
गुरूवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ तौर पर कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के रिकॉर्ड के बाद ही सुनवाई  करेगा। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई जिसमें चार जजों की हाल ही में हुई प्रेस कॉफ्रेंस पर चर्चा और इस मामले के राजनीतिकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी।
गौरतलब है कि अभी हाल ही 

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प्रेस को पूरी आज़ादी होनी चाहिए, ग़लत रिपोर्टिंग पर मानहानि के शिकंजे में न घेरें

मानहानि के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घोटाले की रिपोर्टिंग के समय उत्साह में ग़लती हो सकती है.

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की है कि प्रेस के बोलने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पूर्ण होनी चाहिए और कुछ ग़लत रिपोर्टिंग होने पर मीडिया को मानहानि के लिए नहीं पकड़ा जाना चाहिए.
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चंद्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने एक पत्रकार और मीडिया हाउस के ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत निरस्त करने के पटना उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इंकार करते हुए कीं.
वरिष्ठ पत्रकार 

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SC ने बदला अपना फैसला, सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान जरूरी नहीं

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमाघरों में राष्ट्रगान की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने 30 नवंबर 2016 के अपने अंतरिम आदेश में आज संशोधन किया। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य किया था और इस दौरान दर्शकों को अपनी सीट पर खड़ा होना अनिवार्य किया था। इस अनिवार्यता से दिव्यांगों और नि:शक्त लोगों को छूट दी गई थी। न्यायमूर्ति मिश्रा ने पूर्व के आदेश में संशोधन करते हुए आज कहा कि यह सिनेमाघरों के विशेषाधिकार पर निर्भर करेगा कि वे राष्ट्रगान बजाए या नहीं। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रगान बजाया जाता &

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सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध मानने वाली धारा 377 के ख़िलाफ़ याचिका संविधान पीठ को सौंपी

आईपीसी की धारा 377 कहती है कि जो कोई भी किसी पुरुष, महिला या पशु के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता है तो इस अपराध के लिए उसे उम्रक़ैद की सज़ा होगी.
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए दायर याचिका सोमवार को संविधान पीठ के पास भेज दी.
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चंद्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहित की धारा 377 से उठे इस मुद्दे पर वृहद पीठ द्वारा विचार करने की आवश्यकता है.
भारतीय दंड संहिता की धारा 377 अप्राकृतिक अपराधों का हवाला देते हुए कहती है कि जो कोई भी किसी पुरुष, महिला या पशु के साथ &

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जेटली का बयान क्या माना जायेंगा कोर्ट का अपमान,कहा कोर्ट के फैसले को सर्टिफिकेट न समझे

2जी घोटाले में  ए राजा और कनिमोझी समेत 19 आरोपी बरी 

नई दिल्ली: सीबीआई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय के 2जी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक नेता कनिमोझी समेत 19 आरोपियों को गुरुवार को बरी कर दिया.
निदेशालय ने अपने आरोप पत्र में इस मामले में द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल का नाम भी आरोपियों के रूप में शामिल किया था. निदेशालय ने आरोप लगाया था कि स्वान टेलीकॉम पी लिमिटेड एटीपीएल के प्रोमोटर्स ने द्रमुक द्वारा संचालित कलैग्नार टीवी को 200 करोड़ रुपये दिए थे.
निदेशालय ने अंतिम रिपोर्ट में आरोपियों के रूप में 10 व्यक्तियों और नौ कंपनिय

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इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड से मशहूर हुए एंकर सुहैब इलियासी को पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली. क्राइम बेस्ड टीवी रियलिटी शो इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड से मशहूर हुए एंकर  सुहैबइलियासी को पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे 16 दिसंबर को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोषी करार दिया गया था। बता दें कि 11 जनवरी 2000 को सुहैब के घर पर अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया गया था। बाद में आरोप सुहैब पर ही लगा और उसे 28 मार्च 2000 को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पहले दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ था
सुहैब को पहले पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा था कि उसने इसी वजह से खुदकुशी की।
हालांकि, 2014 &#

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आधार लिंकः सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की सारी कन्फ्यूजन, सभी ग्राहकों को दी गई 31 मार्च तक की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलील को मानते हुए बैंक खातों को आधार से लिंक करने की समयसीमा को 31 मार्च तक बढ़ाने पर अपनी सहमति दे दी है। शुक्रवार को कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि नए खाताधारक भी 31 मार्च तक अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करा सकते हैं। इससे पहले नया खाता खुलवाने के लिए आधार देना जरूरी था। 
पांच जजों की बेंच ने दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने फैसला देते हुए कहा कि आधार को फोन से लिंक करने की समय सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। 
सुप्रीम कोर्ट के आगे नरम पड़ी थी सरकार 
आधार कार्ड
इससे पहले बैंक खाते को आधार से जोड़ने के लिए 31 दिसंबर तक की डेडलाइन तय की गई थी लेक

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हाईकोर्ट का आइएएस अफसर राजीव रौतेला व राकेश कुमार सिंह को निलंबित करने के आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर में डीएम रहे राकेश कुमार सिंह और राजीव रौतेला को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। राकेश अभी कानपुर देहात और राजीव गोरखपुर में डीएम हैं।
दोनों अधिकारियों पर रामपुर में नियुक्ति के दौरान अवैध खनन रोकने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है। 
मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और न्यायाधीश एमके गुप्ता की बेंच ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि दोनों डीएम को निलंबित कर उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें।
हाईकोर्ट ने 24 अगस्त 2015 को दिए आदेश के तहत अवैध खनन के मामले में दोषी अन्य अफसरों का भी एक महीने में पता लगाने को कहा है। इन सभी पर भी अनुशासनात&#

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क्या अवैध तरीक़े से बनाए मंदिर से आपकी प्रार्थना भगवान तक पहुंचेगी: कोर्ट

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को पूछा क्या रास्ते पर अवैध तरीके से बनाए गए मंदिरों से आपकी प्रार्थना ईश्वर तक पहुंचेगी? यह सवाल अदालत ने मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में 108 फुट ऊंची हनुमानजी की मूर्ति के पास से अतिक्रमण हटाने के मामले पर सुनवाई करने के दौरान पूछा.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने पूछा, अगर आप रास्ते पर अवैध अतिक्रमण से प्रार्थना करते हैं तो क्या यह ईश्वर तक पहुंचेगी. अदालत ने चेतावनी दी कि मंदिर समेत अनधिकृत निर्माण के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों से निपटा जाएगा.
अदालत ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) से पूछा कि किस

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MP-MLAs के खिलाफ क्रिमिनल केस की सुनवाई के लिए 12 स्पेशल कोर्ट बनाई जाएंगी: केंद्र केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट

नई दिल्ली.सांसदों और विधायकों खिलाफ क्रिमिनल केसेज की सुनवाई के लिए 12 स्पेशल कोर्ट बनाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर ये बात कही। SC में एक पिटीशन दाखिल की गई है, जिसमें दोषी नेताओं के ताउम्र चुनाव पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसी केस की सुनवाई के दौरान केंद्र ने SC में ये हलफनामा दाखिल किया है। इससे पहले भी सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि नेताओं के ट्रायल के लिए स्पेशल कोर्ट बनाना देश हित में है।
आजीवन बैन पर केंद्र ने क्या दलील दी थी?
- अप्रैल में सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट (RPA) में ऐसे मामलों से निपटने के लिए कड़े प्रा

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तेज आवाज में बहस करने का मामला, CJI की टिप्पणी से आहत वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने वकालत छोड़ी

नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कोर्ट में वकालत से संन्यास लेने का फैसला लिया है. धवन ने इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्राको एक पत्र भी लिखा है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि दिल्ली सरकार के केस के अंतिम दिन की सुनवाई में हुए अपमान से वो आहत हैं इसलिए वो कोर्ट प्रैक्टिस छोड़ रहे हैं. धवन ने ये भी लिखा है कि हालांकि मुख्य न्यायाधीश उनका सीनियर वकील वाला गाऊन ले सकते हैं लेकिन वो इसे अपनी सेवाओं और याद के लिए रखना चाहते हैं. दरअसल 6 दिसंबर को दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल की सुनवाई के अंतिम दिन मुख्य न्यायाधीश और दिल्ली सरकार की ओर से पेश राजीव धवन के बीच तीखी बहस हो गई थी और धवन ने काफी ऊंची आवाज 

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मुंबई बम धमाका-उच्चतम न्यायालय ने दोषी की मौत की सज़ा के अमल पर लगाई रोक मुंबई में 12 मार्च,1993 को 12 स्थानों पर बम विस्फोट हुए थे जिनमे 257 व्

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने मुंबई में 1993 में एक के बाद एक हुए विस्फोटों की घटना में मौत की सज़ा पाने वाले ताहिर मर्चेंट की सज़ा के अमल पर सोमवार को रोक लगा दी.
शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से छह सप्ताह के भीतर जवाब मांगने के साथ ही मुंबई में विशेष टाडा अदालत से इस मामले का सारा रिकॉर्ड भी मंगाया है. टाडा अदालत ने मर्चेंट, फीरोज़ अब्दुल राशिद ख़ान को मौत की सज़ा और गैंगस्टर अबू सलेम को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. मर्चेंट को इस मामले की सुनवाई के दूसरे चरण मे अन्य दोषियों के साथ दोषी ठहराया गया था क्योंकि वह फ़रार था.
मुंबई में 12 मार्च, 1993 को 12 स्थानों पर बम विस्फोट हुए थे जिनमे 257 व्यक्ति मारे गए थे और 718

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सुप्रीम कोर्ट की इज़्जत बचाए रखने में वकील और जज दोनों नाकाम ?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक रिटायर्ड जज के कथित भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई को दौरान कुछ असाधारण गतिविधियां हुईं.
एक ब्लैकलिस्टेड मेडिकल कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ी एक याचिका को लेकर वरिष्ठ जजों में खुले तौर पर आपसी मतभेद दिखा.
जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि एक रिटायर्ड जज इशरत मसरूर कुद्दुसी कॉलेज को फ़िर से खुलवाने के लिए कोर्ट का ऑर्डर सुरक्षित करवाने की कोशिश में थे. कुद्दुसी को सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और वो अभी ज़मानत पर बाहर हैं.
पिछले सप्ताह कोर्ट में वरिष्ठ वकील और इस मामले में याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण और चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बीच तीखी बहस दे

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बाबरी विवाद: SC ने दस्तावेजों के ट्रांसलेशन के लिए 3 महीने का वक्त दिया,

 

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में बाबरी विवाद पर 7 साल बाद शुक्रवार से सुनवाई शुरू हो गई। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अभी दस्तावेजों का ट्रांसलेशन नहीं हो पाया है, इसलिए इन्हें पेश नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने ट्रांसलेशन के लिए तीन महीने का वक्त दे दिया। इस केस से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज अरबी, उर्दू, फारसी और संस्कृत 

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मुलायम सरकार द्वारा इटावा कॉलेज को 104 करोड़ का फंड देने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

2004 में यूपी के मुख्यमंत्री रहते मुलायम सिंह यादव ने उस कॉलेज को सरकार के आकस्मिक फंड से 100 करोड़ रुपये दिए थे.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. CJI खेहर ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कैसे कर सकती है? सरकार ने न तो पैसा वापस लौटाया और न ही इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार है. कोर्ट ने कहा कि आप ये ना बता

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यूपी के 1.72 लाख शिक्षा मित्रों को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सहायक शिक्षक मानने से इंकार किया

उत्‍तर प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षकों के तौर पर समायोजित करने के बारे में अहम व्‍यवस्‍था देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों को राहत देने से इंकार कर दिया है. लेकिन साथ ही कोर्ट ने कहा है कि एक लाख 38 हजार शिक्षा मित्र बने रहेंगे. इसके साथ ही जो 72 हज़ार सहायक शिक्षक जो शिक्षक बन गए है यानी BA और TET करके वो अपने पद पर रहेंगे. सुप्रीम &

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क्या आधार 'राइट टू प्राइवेसी' का उल्लंघन करता है? दो दिन तक संविधान पीठ करेगी सुनवाई

आधार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
पांच जजों की संविधान पीठ दो दिन सुनवाई करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में सुनवाई के बाद यह व्यवस्था दी है.
नई दिल्ली: आधार क्या राइट टू प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन करता है ? और  आधार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ दो दिन सुनवाई करेगी. सुप्रीम क&

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