मोहम्मद रफ़ी को क्या वो सम्मान मिला जिसके वो हक़दार थे?

संगीतकार नौशाद अक्सर मोहम्मद रफ़ी के बारे में एक दिलचस्प क़िस्सा सुनाते थे. एक बार एक अपराधी को फांसी दी जी रही थी. उससे उसकी अंतिम इच्छा पूछी गई तो उसने न तो अपने परिवार से मिलने की इच्छा प्रकट की और न ही किसी ख़ास खाने की फ़रमाइश.
उसकी सिर्फ़ एक इच्छा थी जिसे सुन कर जेल कर्मचारी सन्न रह गए. उसने कहा कि वो मरने से पहले रफ़ी का बैजू बावरा फ़िल्म का गाना 'ऐ दुनिया के रखवाले' सुनना चाहता है. इस पर एक टेप रिकॉर्डर लाया गया और उसके लिए वह गाना बजाया गया.
क्या आप को पता है कि इस गाने के लिए मोहम्मद रफ़ी ने 15 दिन तक रियाज़ किया था और रिकॉर्डिंग के बाद उनकी आवाज़ इस हद तक टूट गई थी कि कुछ लोगों ने कहना शुरू कर दिया था क&

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी को मानद प्रोफेसर चुना

लखनऊ: : मजलिसे ओलमाए हिंद के महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मानद प्रोफेसर चुने जाने पर मुस्लिम समुदाय में खुशी का माहौल है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी को थियोलोजी विभाग के लिए मानद प्रोफेसर चयन किया है।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉक्टर श्री जावेद अख्तर ने विश्वविद्यालय द्वारा लिखित रूप में मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी को चुने जाने की खबर दी है।इसलिए मौलाना कल्बे जवाद नकवी 1 अगस्त से मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच लेक्चर देंगे।
मौलाना को मानद प्रोफेसर चुन्ने पर मुबारकबाद का सिलसिë

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