मिर्ज़ा ग़ालिब की बरसी 15 फरवरी पर खास,इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के

आज मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग ख़ां उर्फ “ग़ालिब” (१५ फरवरी १८६९)पूण्य तिथि हैं।

उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को हिन्दुस्तानी जबान में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है। यद्दपि इससे पहले के वर्षो में मीर तक़ी “मीर” भी इसी वजह से जाने जाता है। ग़ालिब के लिखे पत्र, जो उस समय प्रकाशित नहीं हुए थे, को भी उर्दू लेखन का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ माना जाता है। ग़ालिब को भारत और पाकिस्तान में एक महत्वपूर्ण कवि के रूप में जाना जाता है। उन्हे दबीर-उल-मुल्क और नज़्म-उद-दौला का खिताब मिला।

ग़ालिब (और असद) नाम से लिखने व

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लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज मंत्री सुषमा स्वराज का जन्म दिन आज,योगी मोदी ,मुख़्तार ने दी मुबारकबाद

बुधवार 14 फरवरी को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 66वां जन्मदिन है।इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी,अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी,up के मुख्यमंत्री योगी समेत हज़ारो लोगों ने मुबारकबाद दी हैं।

सुषमा स्वराज देश की पहली महिला विदेश मंत्री हैं। उनका जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला में हुआ था। 1970 में सुषमा स्वराज ने ABVP के साथ राजनीतिक करियर शुरू किया। 1990 में वह पहली बार सांसद बनीं और करीब 6 साल तक राज्यसभा में रहीं। इसके बाद 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री बनीं और बाद में लोकसभा के लिए वो फिर दक्षिण दिल्ली से चुनी गईं और फिर सूचना प्रसारण मंत्रालय के अलावा दूरसंचार मंत्रालय का अतिरì

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हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए 21 दिनों का उपवास रखने वाले,भारतीयों की ज़िंदगी की रौशनी महात्मा गाँधी को तहलका टुडे का सलाम

सितंबर 1924 में हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए 21 दिनों का उपवास रखने वाले,भारतीयों की ज़िंदगी की रौशनी महात्मा गाँधी को तहलका टुडे का सलाम
आइये हम इस महात्मा की ज़िंदगी पर गौर करे जिसने हमे गुलामी से आज़ादी दिलाई
मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वो पुतलीबाई और करमचंद गांधी के तीन बेटों में सबसे छोटे थे। 
करमचंद गांधी कठियावाड़ रियासत के दीवान थे। महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा “सत्ये के साथ मेरे प्रयोग” में बताया है कि बालकाल में उनके जीवन पर परिवार और माँ के धार्मिक वातावरण और विचार का गहरा असर पड़ा था। राजा हरिश्चंद्र नाटक से बालक मोहनदास के मन में सत्यनि

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आज मुसलमानों के लिए रोता इंक़लाब-सर सैयद

यूनिवर्सिटी सर सैयद अहमद खान, महान मुस्लिम सुधारक और राजनेता, के काम से बाहर हुई जो १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम के भारतीय युद्ध के बाद महसूस करते थे कि मुसलमानों को शिक्षा हासिल करने और सार्वजनिक जीवन में शामिल होना महत्वपूर्ण है भारत में सरकारी सेवाएं राजा जय किशन ने विश्वविद्यालय की स्थापना में सर सैयद को मदद की
१८४२ में सरकारी रोजगार के लिए फारसी में इस्तेमाल करने और न्यायालयों की भाषा के रूप में ब्रिटिश उप-महाद्वीप के मुसलमानों के बीच गहरी चिंता पैदा हुई थी। सर सैयद को मुस्लिमों की अंग्रेजी भाषा और पश्चिमी विज्ञान में प्रवीणता प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ती है, अगर समुदाय अपने सामा

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मैं जा रहा हूँ मेरा इन्तेज़ार मत करना-मशहूर शायर अनवर जलालपुरी की रूह अल्लाह के पास पहुची,जलालपुर में होंगे बुधवार को सुपुर्दे ख़

मैं जा रहा हूँ मेरा इन्तेज़ार मत करना

मेरे लिये कभी भी दिल सोगवार मत करना

मेरी जुदाई तेरे दिल की आज़माइश है

इस आइने को कभी शर्मसार मत करना

फ़क़ीर बन के मिले इस अहद के रावण

मेरे ख़याल की रेखा को पार मत करना

ज़माने वाले बज़ाहिर तो सबके हैं हमदर्द

ज़माने वालों का तुम ऐतबार मत करना

ख़रीद देना खिलौने तमाम बच्चों को

तुम उन पे मेरा आश्कार मत करना

मैं एक रोज़ बहरहाल लौट आऊँगा

तुम उँगुलियों पे मगर दिन शुमार मत करना

हाये आज दुनिया मे मुल्क का नाम रौशन करने वाले मशहूर शायर अनवर जलालपुरी साहब ने मेडिकल कॉलेज में दाइये अजल को लबबैक कहकर अपने चाहने वालो को रोता बिलखता ग़मज़दा छोड़कर चले गए।मालू&#

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इंसानी सतह पर कितने बुलंद .चचा ग़ालिब की बरसी पर खास पढ़िए अनसुने और मज़ेदार क़िस्से

तहलका टुडे 
आज उर्दू के जाविदां शाइर मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान ग़ालिब की सालगिरह है, उर्फ़-ए-आम में जो मिर्ज़ा ग़ालिब या चचा ग़ालिब के नाम से मशहूर हैं.
ग़ालिब के बारे में प्रोफ़ेसर मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद कहा करते थे कि शाइरी अलग रही, ग़ालिब को तख़ल्लुस के मामले में भी तमाम शाइरों पर सबकत हासिल है. 'ग़ालिब' ये तख़ल्लुस मिर्ज़ा की शाइरी को सचमुच ज़ेब देता है, उसके मिज़ाज की तर्जुमानी करता है.
विडम्बना है कि ग़ालिब की पैदाइश उनके ननिहाल आगरा में एक दौलतमंद ख़ानदान में हुई, उनकी शादी दिल्ली के और ज़्यादा दौलतमंद ख़ानदान की लड़की से हुई मगर होशमंद होने के बाद फिक्र-ए-माश का साया ग़ालिब पर बराब

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यास्मीन ख़ान: ख़ुदा ने मेरे हर ज़ख़्म पर मरहम लगा दिया,बेहतरीन कर्मचारी के सम्मान से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नवाज़ा

यास्मीन ख़ान: ख़ुदा ने मेरे हर ज़ख़्म पर मरहम लगा दिया,बेहतरीन कर्मचारी के सम्मान से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नवाज़ा
''जब मै छोटी थी तो बहुत दब्बू लड़की थी. घर पर जब मेहमान आते थे तो मैं कमरे में छुप जाती थी. लेकिन अब मैं इस चेहरे के साथ भी घूमने से नहीं डरती.'' ये कहना है यास्मीन मंसूरी का.
यास्मीन एसिड अटैक सर्वाइवर हैं.
रविवार को उन्हें एक समारोह में सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की ओर से विकलांग श्रेणी में साल के सबसे बेहतरीन कर्मचारी के सम्मान से नवाज़ा गया. इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे.
उन्हें ये सम्मान खुद भारत के राष्ट्रपति राë

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मोहम्मद रफ़ी को क्या वो सम्मान मिला जिसके वो हक़दार थे?

 

संगीतकार नौशाद अक्सर मोहम्मद रफ़ी के बारे में एक दिलचस्प क़िस्सा सुनाते थे. एक बार एक अपराधी को फांसी दी जी रही थी. उससे उसकी अंतिम इच्छा पूछी गई तो उसने न तो अपने परिवार से मिलने की इच्छा प्रकट की और न ही किसी ख़ास खाने की फ़रमाइश.
उसकी सिर्फ़ एक इच्छा थी जिसे सुन कर जेल कर्मचारी सन्न रह गए. उसने कहा कि वो मरने से पहले रफ़ी का बैजू बावरा फ़िल्म 

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी को मानद प्रोफेसर चुना

लखनऊ: : मजलिसे ओलमाए हिंद के महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मानद प्रोफेसर चुने जाने पर मुस्लिम समुदाय में खुशी का माहौल है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी को थियोलोजी विभाग के लिए मानद प्रोफेसर चयन किया है।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉक्टर श्र

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