जानिये आपका वजन कितना होना चाहिए?

डॉ शहामत हुसैन रिज़वी

हर उम्र के लड़के और लड़की के लिए अलग है आंकड़े वजन को लेकर के अक्सर युवाओं को बहुत ही ज्यादा कन्फ्यूज देखा जाता है। किसी को लगता है मेरा वजन बड़ा ही कम है तो कोई समझता है, उसका वजन काफी ज्यादा है मतलब हर किसी की अपनी अपनी सोच होती है। लेकिन ये चीजें सोच से नही बल्कि फिजिकल विज्ञान से चलती है। और आज हम आपको इसी से सम्बंधित बेहद ही दिलचस्प चीज भी बताने वाले है कि आपका वजन आपकी उम्र के मुताबिक़ कितना होना चाहिए? ये आपका कन्फ्यूजन काफी हद तक दूर करने में आपकी मदद जरूर कर देगा और आप ध्यान भी अवश्य करेंगे। इसके लिए हम पॉइंट टू पॉइंट उम्र के ग्राफ को बांटते हुए आपको बतायेंगे कि किस उम्र के लोग

आगे पढ़े

रात को पेशाब करने के लिए उठने वाले इस खबर को जरुर पढ़ें वरना हो सकती है आपकी मौत

 पेशाब करना हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण एक्टिविटी है जो हम रोज दिन में कई बार करते है। क्योकि हमारे शरीर के अपशिष्ट पदार्थ टॉयलेट के माध्यम से ही बाहर निकलते है। अगर कोई व्यक्ति अपने पेशाब को काफी देर तक रोकता है तो इससे उसकी किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों को दिन की अपेक्षा रात को बार-बार पेशाब लगती है जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, ऐसा हम नही कहते है। एक रिसर्च के अनुसार जो लोग रात को बार-बार टॉयलेट जाते है तो उन लोगों को स्लीप एपनिया नामक गंभीर बिमारी हो सकती है। रात को बार-बार पेशाब जाने का सबसे बड़ा कारण नाक्सुरिया बिमारी हो सकती है। रिसर्च &#

आगे पढ़े

Diebetes की आड़ में धंधा करते पैथोलॉजी, डॉक्टर और दवा कंपनियां,शुगर एक नंगा सच.. जानिये.!

 

डॉ हादी रज़ा -आगरा

लूट मचाने के लिए दवा कंपनियाँ किस हद तक गिर सकती आप अनुमान भी नहीं लगा सकते ,
अभी कुछ समय पूर्व स्पेन मे शुगर की दवा बेचने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियो की एक बैठक हुई है ,दवाओ की बिक्री बढ़ाने के लिए एक सुझाव दिया गया है कि अगर शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 120 से कम कर 100 कर दिया जाये तो शुगर की दवाओं की बिक्री 40 % तक बढ़ जाएगी ।
आपकी जानकारी के लिए बता दूँ बहुत समय पूर्व शरीर मे सामान्य शुगर का मानक 160 था दवाओ की बिक्री बढ़ाने के लिए ही इसे कम करते-करते 120 तक लाया गया है जिसे भविष्य मे 100 तक करने की संभावना है ।
ये एलोपेथी दवा कंपनियाँ लूटने के लिए किस स्तर तक गिर सकती है ये इसका जीता जागता उदाहरण है आज मí

आगे पढ़े

खान पान की बदलती आदतें और उच्च रक्तचाप के बढ़ते आँकड़े

बहुत समय तक भारत में शाकाहारी लोगों की संख्या अधिक थी‚ शराब का चलन हिन्दू‚ सिख और मुस्लिम सभी में निषिद्ध ही था। भोजन में हमेशा दाल‚ चावल‚ रोटी सब्जी‚ दही या छाछ और सलाद एक आम व्यक्ति को भी सहज सुलभ था। सब्जियाँ सस्ती थीं और मौसमी फलों के भाव आम जन की पहुँच में थे। और गाँवों में तो खेत की पैदावार हो या मक्खन निकाली छाछ हमेशा आस–पास में बाँटी जात

आगे पढ़े
वीडियो न्यूज़